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SMS अस्पताल में आधुनिक ENT लैब शुरू, मरीजों को बड़ी राहत

SMS अस्पताल में आधुनिक ENT लैब शुरू, मरीजों को बड़ी राहत

जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS)अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल के तहत ईएनटी विंग में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अस्पताल में न्यूरोऑटोलोजी लैब सहित कई नई प्रयोगशालाओं और आधुनिक मशीनों का लोकार्पण किया। इन सुविधाओं के शुरू होने से अब मरीजों को बेहतर जांच, सटीक निदान और आधुनिक तकनीक पर आधारित उपचार उपलब्ध हो सकेगा। राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान से आने वाले मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

सवाई मानसिंह अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ विभागों में आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ईएनटी विभाग में नई लैब और मशीनों की शुरुआत से कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों के इलाज में अब और अधिक दक्षता आएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं का स्तर मजबूत होगा और मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि अस्पताल में लगभग 800 वर्ग फीट क्षेत्र में आधुनिक स्किल लैब विकसित की गई है। इस लैब में 10 स्टेशन बनाए गए हैं, जहां रेजिडेंट डॉक्टरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि डॉक्टरों को आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का व्यवहारिक अनुभव भी जरूरी है। इस स्किल लैब के माध्यम से युवा डॉक्टरों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे भविष्य में मरीजों को और बेहतर उपचार मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्टिगो जैसे रोगों के समग्र उपचार के लिए अस्पताल में न्यूरोऑटोलोजी लैब विकसित की गई है। वर्टिगो ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज को चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना या आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस होती हैं। कई बार यह समस्या गंभीर न्यूरोलॉजिकल या कान से संबंधित विकारों के कारण होती है। अब तक ऐसे मरीजों को जांच के लिए कई बार अलग-अलग संस्थानों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन नई लैब शुरू होने से एक ही स्थान पर व्यापक जांच और विशेषज्ञ उपचार संभव हो सकेगा।

न्यूरोऑटोलोजी लैब उन मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी जो बार-बार बेहोश हो जाते हैं या अचानक संतुलन खो बैठते हैं। ईएनटी से जुड़ी कई बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका असर शरीर के संतुलन तंत्र पर पड़ता है। समय पर जांच न होने पर मरीज लंबे समय तक परेशानी झेलते रहते हैं। अब इस लैब में अत्याधुनिक तकनीक के जरिए कारणों की पहचान कर सटीक उपचार योजना बनाई जा सकेगी। इससे गंभीर मामलों में जल्दी राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी।

ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन थिएटर की स्थापना भी की गई है। यह सुविधा उन मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जिन्हें सुनने में गंभीर समस्या है या जो जन्मजात श्रवण बाधा से पीड़ित हैं। कॉक्लियर इम्प्लांट तकनीक के माध्यम से ऐसे मरीजों की सुनने की क्षमता में सुधार किया जा सकता है। अब जटिल कान सर्जरी और श्रवण क्षमता बहाली से जुड़े ऑपरेशन एसएमएस अस्पताल में उच्च स्तर पर किए जा सकेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी प्रक्रियाएं तकनीकी रूप से संवेदनशील होती हैं और इसके लिए प्रशिक्षित सर्जन, आधुनिक उपकरण तथा समर्पित ऑपरेशन थिएटर की आवश्यकता होती है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। निजी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी काफी महंगी होती है, जबकि सरकारी संस्थान में इसे अपेक्षाकृत सुलभ बनाया जा सकेगा।

अस्पताल प्रशासन ने ईएनटी विभाग की ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक का भी नवीनीकरण किया है। इससे मरीजों को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर वातावरण मिलेगा। रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों के लिए प्रतीक्षा, जांच और उपचार की प्रक्रिया अधिक सुगम होने की उम्मीद है। चिकित्सा कर्मियों को भी बेहतर कार्यस्थल मिलने से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

डॉ. पवन सिंघल ने कहा कि ईएनटी विभाग को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की दिशा में यह बड़ा कदम है। उनका कहना है कि यह विभाग भविष्य में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं, जटिल सर्जरी, अनुसंधान कार्य और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यदि इस दिशा में लगातार निवेश और संसाधन उपलब्ध कराए जाते रहे तो राजस्थान के मरीजों को अन्य राज्यों में जाने की जरूरत कम पड़ेगी।

स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने भी इस अवसर पर आधुनिक चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आम नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में ही विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जाए। विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता इसी दिशा में अहम कदम है।

एसएमएस अस्पताल में शुरू हुई नई सुविधाएं राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं। इससे मरीजों को आधुनिक इलाज, समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी, वहीं मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों को भी उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। आने वाले समय में यह पहल प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।

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