अजमेर में सचिन पायलट को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बीजेपी प्रदेश प्रभारी राधामोहनदास अग्रवाल के बयान से नाराज पायलट समर्थकों ने शहर में विरोध जताते हुए नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया। हालांकि इस प्रदर्शन के दौरान केवल बीजेपी के खिलाफ नाराजगी ही नहीं दिखी, बल्कि शहर कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम में वर्तमान शहर कांग्रेस नेतृत्व की अनुपस्थिति ने संगठन के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज कर दी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में पायलट समर्थक कार्यकर्ता गांधी भवन पर एकत्र हुए और बीजेपी नेता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट के समर्थन में नारे लगाए और अग्रवाल से सार्वजनिक माफी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी वरिष्ठ नेता के लिए इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांधी भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेता का पुतला दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द माफी नहीं मांगी गई तो विरोध आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। इस दौरान माहौल पूरी तरह राजनीतिक नारों से गूंजता रहा और पायलट समर्थकों ने अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश की। प्रदर्शन में कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अजमेर में पायलट समर्थकों का प्रभाव अब भी मजबूत है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा वर्तमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल की गैरमौजूदगी को लेकर रही। शहर संगठन के प्रमुख पद पर होने के बावजूद उनका प्रदर्शन में शामिल नहीं होना कई सवाल खड़े कर गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल कार्यक्रम से दूरी नहीं, बल्कि संगठन के भीतर अलग-अलग धड़ों की मौजूदगी का संकेत है। अजमेर कांग्रेस में लंबे समय से आंतरिक खींचतान की चर्चा होती रही है, जो इस प्रदर्शन के दौरान फिर सामने आ गई।
डॉ. राजकुमार जयपाल द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हैं और पार्टी के बड़े नेता हैं। ऐसे में यदि उनके खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी की गई है तो शहर अध्यक्ष का दायित्व था कि वे घर से बाहर निकलकर सड़कों पर उतरते और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते। विजय जैन ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल नहीं होना उनकी बड़ी राजनीतिक भूल है और आने वाले समय में इसका असर उनकी राजनीति पर पड़ सकता है।
विजय जैन ने यह भी कहा कि कांग्रेस में सभी नेताओं का सम्मान होना चाहिए और संगठन का हर पदाधिकारी इस जिम्मेदारी को समझे। उन्होंने संकेतों में कहा कि जो नेता कार्यकर्ताओं की भावना नहीं समझते, उन्हें भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उनके बयान के बाद अजमेर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और अधिक चर्चा में आ गई।
वहीं विजय जैन की टिप्पणी पर वर्तमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में जयपुर में हैं और उन्हें इस कार्यक्रम की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। जयपाल ने कहा कि सचिन पायलट सबके नेता हैं और उनके खिलाफ की गई टिप्पणी की वह निंदा करते हैं, लेकिन शहर में कांग्रेस के नाम पर होने वाले किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठनात्मक रूप से होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अजमेर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष होने के नाते शहर में जो भी आधिकारिक कार्यक्रम होंगे, वे उनकी देखरेख या सहमति से ही आयोजित होने चाहिए। यदि ऐसा नहीं होगा तो कोई भी व्यक्ति कांग्रेस के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर सकता है, जिससे संगठनात्मक अनुशासन प्रभावित होगा। जयपाल ने स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और बिना समन्वय के कार्यक्रम करना सही परंपरा नहीं है।
इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि मामला केवल बीजेपी नेता की टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और अधिकार को लेकर भी विवाद उभर आया है। एक ओर पायलट समर्थक नेता विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वर्तमान संगठनात्मक नेतृत्व अनुशासन और अधिकार क्षेत्र की बात कर रहा है।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता, नसीराबाद से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शिव प्रकाश गुर्जर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि सचिन पायलट राजस्थान कांग्रेस के महत्वपूर्ण चेहरा हैं और उनके खिलाफ की गई टिप्पणी से कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने बीजेपी नेता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग दोहराई।
पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि बीजेपी राजस्थान प्रभारी राधामोहनदास अग्रवाल ने अपनी भाषा की मर्यादा तोड़ी है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के खिलाफ जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया गया, उससे पूरे राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द माफी नहीं मांगी गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अजमेर का यह घटनाक्रम राजस्थान की राजनीति में कई संदेश देता है। एक ओर सचिन पायलट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का समर्थन दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय संगठन में मतभेद भी उजागर हुए। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस आंतरिक खींचतान को कैसे संभालता है और पायलट समर्थकों की नाराजगी को किस तरह संतुलित करता है। फिलहाल अजमेर में हुआ यह प्रदर्शन बीजेपी के खिलाफ विरोध से ज्यादा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का केंद्र बन गया है।


