राजस्थान के अजमेर से जुड़े एक युवक की गिरफ्तारी ने पूरे क्षेत्र को चौंका दिया है। हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की कथित साजिश के मामले में पुलिस ने अजमेर के रहने वाले अकबर उर्फ बाबू सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को हरियाणा के अंबाला से पकड़ा गया, जहां से पुलिस ने उनके पास से आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी के परिवार ने भी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आरोपी के भाई अली असगर ने कहा कि यदि उसने सच में ऐसा गंभीर अपराध किया है तो उसे कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए।
परिवार ने जताई नाराजगी और दुख
अकबर उर्फ बाबू के भाई अली असगर ने मीडिया से बातचीत में गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर उनका भाई ऐसे कामों में शामिल था तो उससे अच्छा होता कि वह मर जाता, क्योंकि ऐसे कृत्य से पूरे परिवार की बदनामी हो गई है। अली असगर ने कहा कि वे सीधे-सादे लोग हैं और हमेशा अपने काम से काम रखते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने उनके भाई का माइंड वॉश किया है या उसे इस रास्ते पर धकेला है तो उन लोगों को भी पकड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार और पुलिस से मांग की कि इस मामले की पूरी जांच की जाए और जो भी इसके पीछे जिम्मेदार हैं, उन्हें सामने लाया जाए।
ऑटो चलाकर करता था गुजारा
जानकारी के अनुसार अकबर उर्फ बाबू अजमेर में ऑटो चलाकर अपना जीवन यापन करता था। वह शहर के दिल्ली गेट क्षेत्र के लोंगिया मोहल्ला का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उसके घर से कुछ दस्तावेज और अन्य जानकारी भी जुटाई है, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। परिवार के अनुसार अकबर का व्यवहार पहले सामान्य था और किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
दिल्ली घूमने की बात कहकर निकला था घर से
अली असगर ने बताया कि 8 फरवरी की सुबह करीब छह बजे अकबर घर से यह कहकर निकला था कि वह जयपुर के रास्ते दिल्ली घूमने जा रहा है। उस समय वह घर से केवल एक हजार रुपये लेकर गया था। उसी दिन रात को उसने फोन कर बताया कि उसके पास खर्च के पैसे कम पड़ रहे हैं और उसने 500 रुपये और भेजने के लिए कहा। भाई ने उसे ऑनलाइन माध्यम से 500 रुपये भेज भी दिए। इसके बाद 9 फरवरी से उसने परिवार के फोन उठाने बंद कर दिए।
परिवार ने कई बार उसे कॉल और संदेश भेजे। उन्होंने उससे कहा कि मां-बाप उसके लिए परेशान हो रहे हैं और कम से कम एक बार फोन करके बता दे कि वह कहां है और कब लौटेगा। लेकिन उसके बाद कोई संपर्क नहीं हो पाया।
न्यूज से परिवार को लगी जानकारी
परिवार को इस मामले की जानकारी तब हुई जब मीडिया में खबरें सामने आईं। अली असगर ने बताया कि उन्हें पहले इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। उन्होंने कहा कि अब जो भी सच है, वह सामने आना चाहिए और यदि उनका भाई दोषी है तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि उसे इस रास्ते पर किसने डाला और किस तरह लोगों को पैसों या अन्य लालच देकर ऐसे कामों में शामिल किया जाता है।
परिवार को भविष्य की चिंता
अकबर उर्फ बाबू की पारिवारिक स्थिति भी सामान्य नहीं है। उसकी शादी वर्ष 2020 में राजस्थान के सोजत में हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं। अली असगर ने कहा कि अब परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता बच्चों के भविष्य की है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्कूल जाएंगे तो लोग उन्हें आतंकवादी के बच्चे कहकर ताना देंगे। इससे परिवार की सामाजिक स्थिति भी प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके लिए भी नौकरी करना कठिन हो सकता है क्योंकि लोग इस घटना के कारण परिवार को अलग नजर से देख सकते हैं।
पाकिस्तान से आया था आरडीएक्स
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों के पास से करीब दो किलोग्राम आरडीएक्स और आईईडी बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह आरडीएक्स पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था।
सूत्रों के अनुसार आरडीएक्स और अन्य विस्फोटक सामग्री को ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से पंजाब के अमृतसर क्षेत्र में भेजा गया था। वहां से इसे आगे आरोपियों तक पहुंचाया गया।
हनुमानगढ़ में विस्फोट की थी साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों की पहली योजना राजस्थान के हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की थी। इस साजिश के तहत आईईडी तो वहां पहुंचा दी गई थी, लेकिन आरडीएक्स समय पर नहीं पहुंच पाया, जिसके कारण उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद कुछ दिनों बाद आईईडी को वापस मंगवा लिया गया। इस दौरान आरोपियों से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के विभिन्न स्थानों की रेकी करवाई गई और वहां के वीडियो भी मंगवाए गए।
पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी
पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और इसके पीछे का पूरा तंत्र क्या है।
जांच से खुल सकते हैं और राज
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी संभावना है कि इस नेटवर्क के जरिए देश के अन्य हिस्सों में भी किसी बड़ी साजिश की तैयारी की जा रही हो। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं और इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके और भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को समय रहते रोका जा सके।


