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गैस संकट पर डोटासरा का सरकार पर हमला

गैस संकट पर डोटासरा का सरकार पर हमला

राजस्थान में एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा  ने गैस संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण देश में कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार इस संकट से निपटने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डोटासरा ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर बुकिंग बंद हो चुकी है और व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है। इसके बावजूद गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं।

गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी

प्रेसवार्ता के दौरान डोटासरा ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम में 115 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि कई शहरों में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत करीब 1950 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में गैस की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं। इसके साथ ही गैस की उपलब्धता भी कम हो गई है, जिससे लोगों को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

डोटासरा ने कहा कि पहले नोटबंदी और कोरोना महामारी के दौरान लोगों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ा था और अब गैस संकट के कारण भी जनता को फिर से लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।

होटल, रेस्टोरेंट और छात्रों पर असर

गैस की कमी का असर केवल घरेलू उपयोग तक सीमित नहीं है बल्कि इसका प्रभाव व्यापार और सेवाओं से जुड़े कई क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। डोटासरा ने कहा कि गैस की कमी के कारण होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल मैस और कॉलेज कैंटीन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर, सीकर और कोटा जैसे शहरों में पढ़ाई करने आने वाले हजारों छात्र भोजन की समस्या से जूझ रहे हैं। कई हॉस्टल और मैस संचालकों को गैस की सीमित सप्लाई के कारण भोजन व्यवस्था में कटौती करनी पड़ रही है। इसके अलावा ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट्स में भी खाना बनाने में मुश्किलें आ रही हैं, जिससे ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा असर

डोटासरा ने कहा कि गैस संकट का असर पर्यटन उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में होटल और समारोहों की बुकिंग में गिरावट दर्ज की जा रही है। उनका कहना है कि होटल और समारोह स्थलों में करीब 40 प्रतिशत तक बुकिंग कम हो गई है। शादी समारोहों में भी मेहमानों की संख्या सीमित की जा रही है और भोजन की कीमतों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालने के बजाय लोगों को भ्रमित करने में लगी हुई है।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर उठाए सवाल

प्रेसवार्ता में डोटासरा ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी केवल निगरानी करना ही नहीं है बल्कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करना भी है। उनका कहना था कि यदि प्रशासन प्रभावी कदम उठाए तो गैस संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

उद्योगों पर संकट के बादल

डोटासरा ने कहा कि गैस संकट का असर कई उद्योगों पर भी पड़ रहा है। कपड़ा, सिरेमिक, पर्यटन, सीमेंट और उर्वरक जैसे क्षेत्रों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जयपुर जिले में स्थित बोरोसिल फैक्ट्री बंद होने से करीब तीन हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। उनका कहना था कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो अन्य उद्योगों पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

राहत पैकेज और रिफाइनरी शुरू करने की मांग

डोटासरा ने सरकार से मांग की कि प्रदेश में गैस की आपूर्ति को तुरंत सुचारु किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित उद्योगों और बेरोजगार हुए श्रमिकों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों में विवाह समारोह होने वाले हैं, उन्हें व्यावसायिक गैस सिलेंडर तत्काल उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े। डोटासरा ने राज्य में बनी रिफाइनरी को जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई और कहा कि इससे भविष्य में ऐसे संकटों से निपटने में मदद मिल सकती है।

नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए सवाल

प्रेसवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा में गैस की कोई कमी नहीं होने का दावा किया था, लेकिन उसके फैसलों के कारण ही प्रदेश में घबराहट का माहौल बन गया है। जूली ने कहा कि पहले गैस सिलेंडरों की कीमतें बढ़ाई गईं और बाद में व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई, जिससे बाजार में संकट और गहरा गया। उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति में कमी के कारण होटल, ढाबे, कैंटीन, कपड़ा और पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और कई व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

कांग्रेस ने आंदोलन का किया ऐलान

गैस संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में आंदोलन की घोषणा भी कर दी है। पार्टी के अनुसार सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ब्लॉक और मंडल स्तर पर भी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे और राजधानी जयपुर से प्रदेशस्तरीय आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक गैस आपूर्ति सामान्य नहीं होती और आम जनता को राहत नहीं मिलती, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।

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