मध्य पूर्व में चल रहे ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। राजस्थान के अजमेर शहर में भी इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। तेल कंपनियों द्वारा कॉमर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई रोक दिए जाने से शहर का होटल और रेस्टोरेंट उद्योग गंभीर संकट में आ गया है। स्थिति यह है कि अजमेर के एक हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बहाल नहीं की गई तो शहर के व्यापार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अनुमान है कि केवल होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय में ही हर महीने 40 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर सीधा असर
अजमेर में अधिकांश बड़े होटल और रेस्टोरेंट खाना बनाने के लिए 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। इन प्रतिष्ठानों के किचन का गैस सप्लाई सिस्टम विशेष रूप से कॉमर्शियल सिलेंडरों के अनुसार तैयार किया गया होता है। ऐसे में घरेलू एलपीजी सिलेंडर या कोयले की भट्टियों का उपयोग करना उनके लिए संभव नहीं होता।
कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने भोजन व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो गया है। कई होटल संचालकों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद करने पड़ सकते हैं।
40 करोड़ से अधिक के नुकसान की आशंका
होटल एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रणवीर सिंह खुराना के अनुसार अजमेर शहर में लगभग एक हजार से अधिक होटल और करीब 100 से ज्यादा रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। इनमें से 20 से अधिक बड़े होटल हैं जिनमें रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक और अन्य ग्राहक आते हैं।
खुराना ने बताया कि बड़े होटलों में हर महीने औसतन 70 से अधिक कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है। यदि गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाती है तो होटल व्यवसाय चलाना लगभग असंभव हो जाएगा। शहर में होटल और रेस्टोरेंट उद्योग का रोजाना का कारोबार लगभग 2 से 3 करोड़ रुपए के बीच है, जबकि मासिक कारोबार करीब 40 करोड़ रुपए तक पहुंचता है। ऐसे में गैस सप्लाई बंद रहने से इस पूरे व्यापार पर बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
मिठाई दुकानों और कैटरिंग व्यवसाय पर असर
कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रुकने का असर केवल होटल और रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहेगा। अजमेर शहर में लगभग 10 हजार से अधिक मिठाई की दुकानें भी इससे प्रभावित होंगी। इन दुकानों में भी बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा कैटरिंग और हलवाई व्यवसाय पर भी इसका सीधा असर पड़ने वाला है। शादी समारोहों और अन्य आयोजनों में भोजन तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में कॉमर्शियल गैस का उपयोग किया जाता है। यदि गैस उपलब्ध नहीं होगी तो इन व्यवसायों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
30 हजार से अधिक शादियों पर पड़ सकता है असर
होटल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार आने वाले चार महीनों में अजमेर जिले में बड़ी संख्या में शादी समारोह होने वाले हैं। अजमेर और पुष्कर के कई बड़े होटल और रिसोर्ट में पहले से ही शादियों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है।
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी करण सिंह का कहना है कि अगले कुछ महीनों में जिले में 30 हजार से अधिक शादियां होने की संभावना है। यदि कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति जल्द शुरू नहीं होती है तो इन समारोहों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। हलवाई और कैटरिंग व्यवसायियों को गैस नहीं मिलने पर शादी समारोहों में भोजन तैयार करना भी मुश्किल हो जाएगा।
पर्यटन और अन्य व्यवसायों पर भी प्रभाव
अजमेर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहर है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। होटल उद्योग के प्रभावित होने से पर्यटन क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है। रणवीर सिंह खुराना के अनुसार यदि होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति बनती है तो इसका असर कई अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि होटल उद्योग से जुड़े कई अन्य व्यवसाय भी प्रभावित होंगे। इनमें इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां, कैटरिंग सेवाएं, हलवाई, परिवहन सेवाएं और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबार शामिल हैं। इसके अलावा बड़े कॉरपोरेट कार्यक्रम और व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
कर्मचारियों के रोजगार पर संकट
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े हजारों कर्मचारी भी इस संकट से प्रभावित हो सकते हैं। शेफ पवन यादव का कहना है कि यदि कॉमर्शियल गैस उपलब्ध नहीं होगी तो खाना बनाना संभव नहीं होगा। ऐसे में होटल में मेहमानों को भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा और पर्यटक भी ठहरने से बचेंगे। इस स्थिति का सीधा असर होटल कर्मचारियों के रोजगार पर पड़ेगा। किचन स्टाफ, वेटर, सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों की आय पर संकट खड़ा हो सकता है।
सरकार से व्यवस्था करने की मांग
होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति को लेकर विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस तरह घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, उसी प्रकार कॉमर्शियल गैस के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
व्यापारियों का सुझाव है कि बड़े होटल और रेस्टोरेंट को सीमित संख्या में ही सही, लेकिन नियमित रूप से कॉमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। पहले जहां होटल 50 से 70 सिलेंडर तक उपयोग करते थे, वहां कम से कम 25 से 30 सिलेंडर की व्यवस्था की जा सकती है। उनका मानना है कि अचानक पूरी तरह गैस सप्लाई बंद कर देना व्यापार और रोजगार दोनों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।


