सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग SSC ने एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। लंबे समय से यह समस्या सामने आती रही है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कई सीटें खाली रह जाती थीं। इसका नुकसान उन उम्मीदवारों को होता था जो मेरिट में आते हुए भी सिर्फ वेटिंग लिस्ट न होने की वजह से चयन से चूक जाते थे। इस स्थिति को सुधारने के लिए आयोग ने अब ‘Sliding Mechanism’ नाम का नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है। यह तंत्र वेटिंग लिस्ट जैसा लाभ देगा और सुनिश्चित करेगा कि किसी भी पद को खाली न छोड़ा जाए।
खाली सीटों की समस्या क्यों बढ़ रही थी
हर साल हजारों पदों पर भर्ती होती है, लेकिन चयनित उम्मीदवारों में से कई डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए निर्धारित समय पर नहीं पहुंचते। कुछ उम्मीदवारों को इस बीच दूसरी नौकरी मिल जाती है, जिसके कारण वे जॉइन नहीं कर पाते। चूंकि पहले SSC की भर्तियों में वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की जाती थी, इसलिए जो सीटें रिक्त रह जाती थीं, उन्हें अगले वर्ष की भर्ती में जोड़ दिया जाता था। इससे उस वर्ष के पात्र उम्मीदवार अपनी मेहनत के बावजूद चयनित नहीं हो पाते थे। आयोग ने इस नुकसान को समाप्त करने के लिए नई प्रणाली तैयार की है।
Sliding Mechanism कैसे काम करेगा
सबसे पहले आयोग मौजूदा प्रक्रिया के तहत परिणाम जारी करेगा और उम्मीदवारों को उनकी पसंद के अनुसार पोस्ट आवंटित की जाएगी। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को तय समय सीमा के भीतर आधार वेरिफिकेशन के लिए रीजनल ऑफिस जाना होगा। वेरिफिकेशन के दौरान उम्मीदवारों को दो विकल्प दिए जाएंगे—FIX और FLOAT।
FIX चुनने वाले उम्मीदवार अपनी आवंटित पोस्ट से सहमत माने जाएंगे और उनकी पोस्ट में कोई बदलाव नहीं होगा। FLOAT का चुनाव करने वाले उम्मीदवार यह विकल्प खुला रखते हैं कि यदि कुछ सीटें रिक्त होती हैं, तो उन्हें उनकी उच्च पसंद वाली पोस्ट आवंटित की जा सकती है।
वेरिफिकेशन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों की सीटें रिक्त मानी जाएंगी। इसके बाद FLOAT विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को मेरिट क्रम के आधार पर इन पोस्टों पर अवसर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने पर आयोग अंतिम परिणाम जारी करेगा और चयनित उम्मीदवारों की फाइलें संबंधित विभागों को सौंप दी जाएंगी।
महत्वपूर्ण शर्तें और सावधानियाँ
Sliding Mechanism की प्रक्रिया केवल एक बार संचालित की जाएगी। FLOAT विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को नई पोस्ट मिलने पर उसे जॉइन करना अनिवार्य होगा, अन्यथा वे पुरानी और नई दोनों पोस्टों से वंचित हो जाएंगे। निर्धारित समय पर वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित न होने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी स्वतः रद्द हो जाएगी।
आयोग का मानना है कि यह नया नियम भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और लाभकारी बनाएगा। इससे योग्य उम्मीदवारों को उसी वर्ष मौका मिलेगा और सरकारी विभागों को रिक्त पदों पर तेजी से नियुक्तियाँ करने में मदद मिलेगी। जल्द ही इसका विस्तृत SOP भी जारी किया जाएगा।


