राजस्थान के विश्वप्रसिद्ध शहर पुष्कर में इस वर्ष इंटरनेशनल होली फेस्टिवल बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। रंगों से सराबोर वातावरण में देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों पर्यटकों ने उत्सव का आनंद लिया। वर्षों से पर्यटन और सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र रहा यह त्योहार अब वैश्विक पहचान बना चुका है, और इसी का प्रमाण है विदेशी सैलानियों की बढ़ती भागीदारी।
वराह घाट चौक पर रंगों की धूम
कस्बे के प्रमुख स्थल वराह घाट पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ढोल-नगाड़ों और संगीत की ताल पर भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने खुलकर नृत्य किया। पिछले दो दशकों से ला बेला होली मंडल द्वारा आयोजित यह वार्षिक कार्यक्रम अब पुष्कर की पहचान बन गया है और हर वर्ष की तरह इस बार भी वातावरण में रंगों का अनोखा उत्साह देखने को मिला।
विदेशी पर्यटकों के अनुभव
इस आयोजन में दुनिया के कई देशों से आए मेहमान शामिल हुए। इजराइल से आई पर्यटक शिवानी ने कहा कि होली मनाने के लिए पुष्कर दुनिया की सबसे बेहतरीन जगह है। उनका कहना था कि यहां लोग बेहद सहयोगी हैं और स्थानीय प्रशासन पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सजग है, जिससे उन्हें हमेशा सुरक्षित महसूस होता है।
बेल्जियम से आई शिरीन ने बताया कि यह उनका दूसरा पुष्कर होली अनुभव है और भारत हमेशा उनकी पसंदीदा यात्रा-स्थली रहा है। वहीं फ्रांस मूल के दामिया, जो लंबे समय से गुजरात में रह रहे हैं, ने कहा कि भले ही यह उनकी पहली होली नहीं है, लेकिन हर बार यह त्योहार एक विशेष याद बन जाता है।
भारतीय पर्यटकों की भी बड़ी संख्या
इस अवसर पर भारत के अलग-अलग राज्यों से आए लोग भी शामिल हुए। इंदौर से आईं माया गोयल ने बताया कि विदेशी सैलानियों के साथ होली खेलना एक यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि पुष्कर में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक और भरोसेमंद है।
सरकारी महोत्सव और रंगों की बरसात
राज्य सरकार द्वारा मेला स्टेडियम में आयोजित सामूहिक होली कार्यक्रम में करीब तीन हजार किलो गुलाल इस्तेमाल किया गया। इसी दौरान अग्निशमन वाहन से सुरक्षा की दृष्टि से पानी की बौछार की गई, जिसे देखकर पर्यटकों ने विशेष उत्साह दिखाया। इस वर्ष दो हजार से अधिक विदेशी पर्यटक पुष्कर पहुंचे, जिनमें सबसे अधिक संख्या इजराइल से आए पर्यटकों की रही।
स्थानीय होटलों और रिसॉर्ट्स में भी पर्यटकों की भारी आमद दर्ज की गई। होटल संगठनों के अनुसार, अधिकतर आवास पहले से ही बुक थे। वैश्विक परिस्थितियों और उड़ानों के रद्द होने के कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या में थोड़ी कमी अवश्य रही, लेकिन भारतीय पर्यटकों की शानदार उपस्थिति ने पर्यटन कारोबार में उत्साह बनाए रखा।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
त्योहार के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। एएसपी दीपक कुमार शर्मा के अनुसार, होली और रमजान एक साथ पड़ने के कारण विशेष सतर्कता बरती जा रही थी। करीब 250 अतिरिक्त पुलिसकर्मी, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे, सादे कपड़ों में शहर के विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए क्यूआरटी टीम सक्रिय रही, ताकि सभी पर्यटक और स्थानीय लोग उत्सव को शांति और सौहार्द के साथ मना सकें।
पुष्कर की रंगों भरी यह होली न केवल सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि जब परंपराएं और आधुनिक पर्यटन एक साथ आते हैं, तो अनुभव और भी खास बन जाते हैं।


