अजमेर जिले में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट लोक बंधु ने जिले में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए दो दिन का अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश 6 और 7 जनवरी को लागू रहेगा।
यह निर्णय मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के आधार पर लिया गया है, जिसमें जिले में तापमान में और गिरावट तथा शीतलहर के प्रभाव की चेतावनी दी गई थी। ठंड के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के आग्रह पर यह आदेश जारी किया गया।
जिला कलेक्टर लोक बंधु ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अध्याय 4 की धारा 30 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार यह छुट्टी केवल छात्र-छात्राओं के लिए लागू होगी, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों का शेष स्टाफ निर्धारित समयानुसार अपने कार्य पर उपस्थित रहेगा।
इसके साथ ही कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। आगामी आदेश तक इन कक्षाओं का स्कूल समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इससे पहले या बाद में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी संस्थाप्रधानों को निर्देशित किया है कि वे आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। यदि कोई भी विद्यालय या संस्था निर्धारित समय के विरुद्ध कक्षाओं का संचालन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का यह कदम विशेष रूप से छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। लगातार गिरते तापमान और ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही थी। अभिभावकों ने भी ठंड को देखते हुए अवकाश की मांग की थी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।


