मनीषा शर्मा। डीडवाना में आयोजित वीर दुर्गादास राठौड़ जयंती समारोह के अवसर पर राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी को राजनीति में लंबी सफलता के लिए धरातल पर काम करने और जनता का विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। समारोह में पूर्व विधायक प्रेम सिंह बाजौर समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। जैसे ही रविंद्र सिंह भाटी कार्यक्रम में पहुंचे, समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की। इस पर दीया कुमारी ने मंच से कहा कि वह उनकी ही प्रशंसा कर रही थीं और उन्हें समाज का सक्रिय व अच्छा काम करने वाला युवा नेता मानती हैं।
दीया कुमारी ने मंच से कहा कि आज की युवा पीढ़ी बड़ी संख्या में सोशल मीडिया से जुड़ी हुई है और यह एक अहम माध्यम बन चुका है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अब रविंद्र आ गए हैं तो सोशल मीडिया की बात तो करनी ही पड़ेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सोशल मीडिया का महत्व तो है, लेकिन केवल इसे देखकर ही किसी बात को पूरी सच्चाई मान लेना सही नहीं है।
डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर आने वाली जानकारी को बिना जांच-परख के सच नहीं मानना चाहिए। जनता को चाहिए कि वह सही का साथ दे, चाहे वह सोशल मीडिया पर हो या जमीन पर। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को प्रेरित किया कि वे जो भी अच्छा कार्य कर रहे हैं, उसका समर्थन सिर्फ ऑनलाइन नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी होना चाहिए।
अपने संबोधन में दीया कुमारी ने यह भी कहा कि राजनीति में सफलता पाने के लिए लंबी मेहनत जरूरी है। उन्होंने कहा, “राजनीति में 15-20 साल की कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। शुरुआत में जनता आपको समर्थन देती है, लेकिन अगर काम नहीं दिखाया तो फिर वह सोचने पर मजबूर हो जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता के लिए निरंतर काम और समर्पण ही किसी भी नेता की असली पहचान है।
समारोह में मौजूद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी सोशल मीडिया और मौजूदा पीढ़ी की बदलती आदतों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एक ऐसा दौर आ गया है, जब लोगों ने किताबें छोड़ दी हैं और फोन हाथ में ले लिया है। उन्होंने वॉट्सऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों पर आने वाली सूचनाओं की सत्यता पर सवाल उठाया।
भाटी ने कहा, “फोन के जरिए हमारे पास जो जानकारी आती है, वह कई बार हकीकत से काफी दूर होती है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि जो हम पढ़ और देख रहे हैं, वह सही है या नहीं।” उन्होंने अपने संबोधन में इतिहास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने किताब और अखबार में पढ़ा कि पूरे राजस्थान पर मराठा राजवंश का शासन रहा। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि मारवाड़, मेवाड़ और राजस्थान पर मराठाओं का शासन कभी नहीं रहा।
उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ी को गुमराह किया जा सके। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो धीरे-धीरे असली इतिहास को हटा दिया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी हमारी ही होगी।


