मनीषा शर्मा. पश्चिमी राजस्थान से निकलकर डीप डिप्रेशन तंत्र अब गुजरात पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से बीकानेर, भरतपुर, जयपुर, और अजमेर संभाग में भारी बारिश की संभावना है। सितंबर के पहले सप्ताह से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में मानसून की गतिविधियों में और अधिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। मानसून सीजन में अब तक राजस्थान में औसत से 54.76 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। जहां सामान्य वर्षा का स्तर 342.56 एमएम होता है, वहीं इस साल अब तक 530.15 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक वर्षा सिरोही के माउंट आबू में 51 एमएम दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई, जैसे अलवर में 37 एमएम, बाड़मेर के गुढ़ामनाली में 33 एमएम, डूंगरपुर के वेंजा में 36 एमएम, और उदयपुर के सलूंबर में 30 एमएम बारिश दर्ज हुई। जालोर, जैसलमेर, और जोधपुर समेत आसपास के कई जगहों पर भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
बीते 24 घंटों में राजस्थान के 14 बांध ओवरफ्लो हुए हैं, जिससे प्रदेश में अब कुल 239 बांध पूरी तरह भर चुके हैं। हालांकि, 31 अगस्त तक राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी की संभावना है, और कुछ क्षेत्रों में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की स्थिति बन सकती है।


