latest-news

किन गिफ्ट्स पर लगता है टैक्स और किन्हें मिलेगी छूट?

किन गिफ्ट्स पर लगता है टैक्स और किन्हें मिलेगी छूट?

शोभना शर्मा। गिफ्ट देना और लेना हमारे समाज में त्योहारों, जन्मदिन, शादी, सगाई जैसे खास मौकों पर एक आम चलन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ गिफ्ट्स पर इनकम टैक्स के नियम लागू होते हैं? हर गिफ्ट टैक्स के दायरे में नहीं आता, लेकिन इसकी सीमा, गिफ्ट देने वाले व्यक्ति और उसकी प्रकृति के आधार पर इनकम टैक्स के नियम बदल जाते हैं। अगर आपको किसी दोस्त या करीबी से गिफ्ट मिलता है, तो जरूरी है कि आप उन पर लगने वाले टैक्स के नियमों को समझें।

किन गिफ्ट्स पर टैक्स देना होता है?

अगर आपको गिफ्ट किसी ऐसे व्यक्ति से मिलता है जो आपके ब्लड रिलेशन में नहीं है, जैसे दोस्त, सहकर्मी, या परिचित, तो इस पर टैक्स नियम लागू हो सकते हैं। हालांकि, हर गिफ्ट टैक्सेबल नहीं होता, लेकिन अगर किसी दोस्त या परिचित से आपको 50,000 रुपये से अधिक का गिफ्ट मिलता है, जैसे कैश, प्रॉपर्टी, ज्वेलरी, शेयर, पेंटिंग या अन्य मूल्यवान चीजें, तो इसे टैक्सेबल इनकम माना जाएगा। ऐसे गिफ्ट्स को अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाना जरूरी है। इसके बाद टैक्स की गणना की जाएगी और अगर टैक्स देनदारी बनती है, तो आपको टैक्स चुकाना पड़ेगा।

टैक्सेबल गिफ्ट्स की श्रेणियां:

  • 50,000 रुपये से ज्यादा का नकद गिफ्ट

  • जमीन या मकान

  • शेयर या बॉन्ड्स

  • ज्वेलरी, पेंटिंग, मूर्तियां आदि

किन गिफ्ट्स पर टैक्स नहीं लगता है?

सगे संबंधियों और करीबी रिश्तेदारों द्वारा दिए गए गिफ्ट्स टैक्स फ्री होते हैं, चाहे उनकी कीमत कितनी भी हो। इसमें शामिल होते हैं पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन, बच्चे, ससुराल पक्ष के रिश्तेदार, और दादा-दादी जैसे नजदीकी रिश्तेदार। इन रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट्स पर टैक्स नहीं लगता, भले ही उनकी कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा हो।

टैक्स फ्री गिफ्ट्स की श्रेणियां:

  • सगे संबंधियों से मिले गिफ्ट्स

  • शादी के मौके पर मिले गिफ्ट्स

  • वसीयत में मिली संपत्ति

विशेष नियम जो आपको जानने चाहिए

  1. पति-पत्नी में गिफ्ट: पति-पत्नी के बीच गिफ्ट देने-लेने पर टैक्स नहीं लगता, क्योंकि इससे होने वाली आय ‘इनकम क्लबिंग’ के दायरे में आती है।
  2. शादी के मौके पर गिफ्ट: शादी के अवसर पर मिलने वाले गिफ्ट्स पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं। चाहे वह किसी दोस्त, रिश्तेदार, या किसी अन्य से मिले हों।
  3. संपत्ति से जुड़े नियम: अगर आपको कोई संपत्ति, जैसे प्रॉपर्टी या शेयर, सगे संबंधियों से मिलते हैं, तो उस पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन अगर आप उसे बेचते हैं, तो बिक्री के समय उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जा सकता है।
  4. वसीयत में मिली संपत्ति: अगर वसीयत के माध्यम से आपको प्रॉपर्टी मिलती है, तो उस पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन जब आप उस प्रॉपर्टी को बेचेंगे, तो आपको टैक्स देना होगा।
  5. एम्प्लॉयर से गिफ्ट: अगर आपका एम्प्लॉयर आपको गिफ्ट देता है, तो यह गिफ्ट टैक्स के दायरे में आता है।
  6. दोस्तों से गिफ्ट: दोस्तों या परिचितों से मिलने वाले गिफ्ट्स पर एक साल में 50,000 रुपये तक की छूट है। यदि गिफ्ट्स की कुल कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा होती है, तो आपको उस अतिरिक्त राशि पर टैक्स देना होगा।

टैक्स प्लानिंग में गिफ्ट्स का महत्व

गिफ्ट्स पर इनकम टैक्स के नियमों को समझना जरूरी है, खासकर तब जब आप बड़ी रकम या मूल्यवान संपत्ति का लेन-देन कर रहे हों। अगर सही तरीके से टैक्स प्लानिंग की जाए, तो टैक्स बचाने के साथ-साथ किसी परेशानी से भी बचा जा सकता है। हमेशा ध्यान रखें कि टैक्स नियमों का पालन करना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि यह आपकी वित्तीय स्थिति को भी मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

गिफ्ट्स पर इनकम टैक्स के नियम हर व्यक्ति को समझने चाहिए। दोस्त या परिचित से मिले 50,000 रुपये से अधिक के गिफ्ट्स टैक्स के दायरे में आते हैं, जबकि सगे संबंधियों से मिले गिफ्ट्स और शादी के मौके पर मिले उपहारों पर टैक्स नहीं लगता। आयकर विभाग द्वारा निर्धारित इन नियमों का पालन करने से आप किसी भी कानूनी जटिलता से बच सकते हैं।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading