राजस्थान सरकार अब राज्य में पाइपलाइन प्राकृतिक गैस यानी PNG कनेक्शनों के विस्तार को तेज गति से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इसी दिशा में राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शहरी गैस वितरण (CGD) कंपनियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि अगले 45 दिनों के भीतर राज्य के 43 हजार नए घरों को PNG नेटवर्क से जोड़ा जाए। सरकार ने इस लक्ष्य को जून महीने के अंत तक पूरा करने की समयसीमा तय की है। इसके साथ ही प्रतिदिन औसतन एक हजार घरों को पाइपलाइन गैस सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि घरेलू गैस आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती बनाने के लिए PNG नेटवर्क का विस्तार बेहद जरूरी है।
गुरुवार को जयपुर स्थित सचिवालय के ‘चिंतन कक्ष’ में आयोजित राज्य स्तरीय सीजीडी समिति की बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस अभियान की समीक्षा की। बैठक में राज्य में कार्यरत सभी 13 शहरी गैस वितरण कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में गैस पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है, वहां घरों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत PNG कनेक्शन दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क तैयार होने के बावजूद लोग अभी तक गैस कनेक्शन से नहीं जुड़े हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर लोगों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही घरेलू रसोई गैस के क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में काम कर रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक लोग एलपीजी सिलेंडर के बजाय पाइपलाइन गैस का उपयोग करें। इसी उद्देश्य से राज्य में ‘एलपीजी मुक्त क्षेत्रों’ की अवधारणा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि ऐसे क्षेत्र विकसित किए जाएं जहां घरेलू गैस आपूर्ति पूरी तरह पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से हो और लोगों को सिलेंडर पर निर्भर न रहना पड़े।
बैठक में मुख्य सचिव ने सीजीडी कंपनियों को PNG के लाभों के बारे में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में लोग पाइपलाइन गैस की सुविधाओं और लाभों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। ऐसे में कंपनियों को सोशल मीडिया, प्रचार अभियानों और स्थानीय कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक सही जानकारी पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि PNG उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे गैस आपूर्ति की सुविधा देती है और इसमें सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग कराने जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। इसके अलावा यह व्यवस्था अधिक सुरक्षित और लंबे समय में किफायती भी साबित होती है।
वी. श्रीनिवास ने कहा कि पाइपलाइन गैस प्रणाली से घरेलू जीवन अधिक सुविधाजनक बनता है। उपभोक्ताओं को बार-बार गैस सिलेंडर मंगाने की जरूरत नहीं पड़ती और गैस आपूर्ति सीधे घर तक पहुंचती रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक शहरी जीवनशैली के अनुरूप PNG एक बेहतर विकल्प के रूप में उभर रही है। यही कारण है कि सरकार अब इसके विस्तार को प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि गैस कंपनियां घरों में पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को और तेज करें। इसके लिए स्थानीय स्तर पर विशेष कनेक्शन शिविर आयोजित किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से आवेदन कर सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि लोगों को सरल प्रक्रिया और उचित जानकारी मिलेगी तो PNG कनेक्शन लेने में उनकी रुचि और बढ़ेगी। उन्होंने डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया ताकि युवाओं और शहरी परिवारों तक तेजी से पहुंच बनाई जा सके।
राज्य में वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्थान में अब तक 490 सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1,380 से अधिक वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों को PNG सुविधा से जोड़ा गया है। वहीं घरेलू स्तर पर अब तक करीब 1 लाख 53 हजार घरों को पाइपलाइन गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। हालांकि सरकार का मानना है कि यह संख्या राज्य की जरूरतों और संभावनाओं के मुकाबले अभी काफी कम है और इसमें तेजी से बढ़ोतरी की आवश्यकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि PNG नेटवर्क का विस्तार न केवल लोगों को सुविधा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। पाइपलाइन गैस को एलपीजी और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में अधिक सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल माना जाता है। इसके उपयोग से परिवहन और सिलेंडर वितरण से जुड़ी लागत में भी कमी आती है। यही वजह है कि देशभर में शहरी गैस वितरण नेटवर्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है।
राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य के शहरी विकास और ऊर्जा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि निर्धारित समय में 43 हजार नए घरों को PNG नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य पूरा होता है, तो यह राज्य में घरेलू गैस वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। आने वाले समय में सरकार का फोकस अधिक से अधिक शहरों और आवासीय क्षेत्रों तक पाइपलाइन गैस सुविधा पहुंचाने पर रहेगा, ताकि लोगों को सुरक्षित, निर्बाध और आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था का लाभ मिल सके।


