राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 21 जून के बजाय 29 जून से शुरू होगा। यह फैसला शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच हुई महत्वपूर्ण वार्ता के बाद लिया गया है। लगातार बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, जिसे व्यापक स्तर पर सराहा जा रहा है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के विद्यालय शिक्षा महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक संगठन स्कूलों के समय और गर्मी की छुट्टियों को लेकर सरकार से मांग कर रहे थे। राजस्थान में इस समय तापमान कई जिलों में 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया था।
उन्होंने बताया कि शिक्षक संगठन की ओर से 29 मई को जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच शुक्रवार देर रात शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल को अपने निवास पर वार्ता के लिए बुलाया। प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल और शिक्षा मंत्री के बीच छात्र एवं शिक्षक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और कई मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद संगठन ने अपने आगामी आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
वार्ता के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों को बढ़ाने का था। शिक्षक संगठनों ने सरकार के सामने तर्क रखा कि प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है और मौसम विभाग आने वाले दिनों में भी तापमान में अधिक राहत की संभावना नहीं जता रहा है। ऐसे में 21 जून से स्कूल खोलना बच्चों और शिक्षकों दोनों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इस पर शिक्षा मंत्री ने सहमति जताते हुए नया शैक्षणिक सत्र 29 जून से शुरू करने पर सकारात्मक निर्णय लिया।
महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि वार्ता में संस्था प्रधानों के अधिकृत अवकाश में की गई कटौती को वापस लेने पर भी सहमति बनी है। पहले अवकाश की अवधि कम किए जाने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी थी। अब इसे फिर से दो दिन यथावत रखने का आश्वासन दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से इन फैसलों के औपचारिक आदेश जल्द जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा वार्ता में शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति और वेतन विसंगतियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों के तबादलों को लेकर शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री से विशेष अनुरोध करने का भरोसा दिया। लंबे समय से शिक्षक संगठन तबादला नीति में राहत और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। वहीं शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों में न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने के लिए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों और अतिरिक्त महाधिवक्ता को तत्काल निर्देश भी दिए।
शिक्षा मंत्री ने क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति दिलाने और तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए वित्त विभाग स्तर पर व्यक्तिगत प्रयास करने का भी आश्वासन दिया। शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से ये मुद्दे लंबित पड़े थे और सरकार के इस सकारात्मक रुख से शिक्षकों में उम्मीद जगी है।
स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने के फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में राहत का माहौल देखने को मिल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना बेहद कठिन हो रहा था। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर तक लू के थपेड़ों के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया था। कई अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले को बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के हित में उठाया गया सही कदम बताया है।
छात्रों में भी इस निर्णय को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। गर्मी के कारण पहले ही बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो चुकी है और ऐसे में अतिरिक्त छुट्टियां मिलने से उन्हें राहत मिलेगी। हालांकि अभिभावकों का यह भी मानना है कि पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल खुलने के बाद शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान जैसे राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के हालात को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था में समय-समय पर व्यावहारिक बदलाव करना जरूरी हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में गर्मी का असर पहले की तुलना में अधिक गंभीर हुआ है, जिससे बच्चों और शिक्षकों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में स्कूलों के समय और अवकाश को मौसम के अनुसार तय करना एक आवश्यक कदम माना जा रहा है।
राजस्थान सरकार का यह फैसला केवल छुट्टियां बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों और शिक्षकों के स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि मौसम सामान्य रहता है तो 29 जून से प्रदेशभर में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। फिलहाल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस निर्णय से बड़ी राहत मिली है और सभी की नजरें अब शिक्षा विभाग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों पर टिकी हुई हैं।


