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पीएम-बीजेपी योजना:10 सालों में 30 हजार करोड़ रुपये की बचत

पीएम-बीजेपी योजना:10 सालों में 30 हजार करोड़ रुपये की बचत

मनीषा शर्मा, अजमेर।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आमजन को किफायती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के तहत देशभर में 15,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जहां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक सस्ती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के एक सवाल के जवाब में रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में जानकारी दी कि पिछले 10 वर्षों में जन औषधि केंद्रों से 6975 करोड़ रुपये की दवाओं की बिक्री हुई है, जिससे आमजन को ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है।

जन औषधि केंद्रों का बढ़ता प्रभाव

राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में इन जन औषधि केंद्रों पर लगभग 2047 प्रकार की दवाइयां और 300 सर्जिकल उपकरण एवं चिकित्सा उपभोग्य वस्तुएं उपलब्ध हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं और न्यूट्रास्युटिकल्स जैसी दवाइयां शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार:
✅ औसतन 10-12 लाख लोग प्रतिदिन इन केंद्रों से दवाइयां खरीदते हैं।
✅ जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की कीमत ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50-80% तक कम होती है।
✅ इस योजना से देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने में मदद मिली है।

राजस्थान में पीएम-बीजेपी योजना का विस्तार

राजस्थान में इस योजना के तहत 41 जिलों में 486 जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से:

  • जयपुर में 141 केंद्र

  • जोधपुर में 26 केंद्र

  • झुंझुनूं में 25 केंद्र

  • अलवर में 23 केंद्र

  • सीकर में 20 केंद्र

  • नागौर में 21 केंद्र

युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) केवल सस्ती दवाइयां ही नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान कर रही है। योजना के तहत जन औषधि केंद्र के मालिकों को मासिक खरीद पर 20% की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा, महिला, दिव्यांगजन, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, जिससे वे अपने जन औषधि केंद्र खोलकर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

पीएम-बीजेपी योजना: क्यों है आमजन के लिए फायदेमंद?

किफायती दवाइयां: ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक सस्ती दवाइयां मिलती हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा: गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगी दवाओं की चिंता से राहत।
रोजगार के अवसर: युवा, महिला, दिव्यांगजन और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर
सुलभता: देशभर में 15,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं।

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