मनीषा शर्मा। देश में डिजिटल पहचान को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक नया आधार ऐप लॉन्च किया है, जिसकी मदद से अब होटल, एयरपोर्ट, सरकारी कार्यालयों जैसी जगहों पर पहचान साबित करने के लिए फिजिकल आधार कार्ड या उसकी फोटोकॉपी की आवश्यकता नहीं होगी। यह ऐप UIDAI द्वारा डेवलप किया गया है और इसमें कई अत्याधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं।
इस नए आधार ऐप के जरिए अब QR कोड को स्कैन करके UPI ट्रांजेक्शन की तरह अपनी पहचान डिजिटल रूप से साझा की जा सकेगी। इससे एक ओर जहां कागज़ी दस्तावेजों की जरूरत समाप्त होगी, वहीं दूसरी ओर लोगों की निजी जानकारी पर उनका पूर्ण नियंत्रण भी बना रहेगा।
कैसे करेगा काम यह ऐप?
इस ऐप के उपयोग से पहचान सत्यापन की प्रक्रिया बेहद सरल होगी। जब कोई यूजर होटल या एयरपोर्ट जैसी जगह पर अपनी पहचान देना चाहेगा, तो उसे उस स्थान पर लगे वेरिफायर का QR कोड ऐप से स्कैन करना होगा। इसके बाद ऐप यूजर से पूछेगा कि कौन-कौन सी जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, पता आदि साझा करनी है।
परमिशन देने के बाद ऐप यूजर का फेस वेरिफिकेशन करेगा, और अंतिम चरण में डाटा वेरिफाई कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पहचान साझा हो जाएगी — बिना किसी फोटोकॉपी या फिजिकल डॉक्यूमेंट के।
पूरी तरह सिक्योर है ऐप
UIDAI ने इस ऐप को पूरी तरह सिक्योर बनाया है। इसमें डेटा प्रोटेक्शन पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि किसी भी तरह की फर्जीवाड़ा या डाटा लीक की घटना को रोका जा सके। ऐप में फेस आईडी और यूजर-कंट्रोल्ड डाटा शेयरिंग जैसे फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिससे यूजर यह तय कर सकेगा कि वह कितना डाटा साझा करना चाहता है।
टेस्टिंग के बाद होगा सार्वजनिक उपयोग
फिलहाल यह ऐप Google Play Store पर AadhaarFaceRD नाम से लॉन्च हुआ है, लेकिन अभी इसे आधार संवाद से जुड़े कुछ सीमित यूजर्स ही इस्तेमाल कर सकते हैं। UIDAI का कहना है कि आने वाले समय में यूजर्स से मिले फीडबैक के आधार पर इसमें और सुधार कर इसे आम जनता के लिए भी लॉन्च किया जाएगा।
यह पहल न सिर्फ डिजिटल इंडिया अभियान को गति देगी बल्कि पहचान प्रक्रिया को भी आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगी। आने वाले समय में आधार से जुड़ी धोखाधड़ी की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।


