पेपर लीक विवाद के कारण रद्द हुई NEET UG 2026 परीक्षा अब 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए राजस्थान सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को लेकर राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
शनिवार को राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की सुविधा और कानून व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA के अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्थान में इस बार NEET UG परीक्षा 27 जिलों के 611 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा में करीब 2.09 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष योजना तैयार की है। परीक्षा 21 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक आयोजित होगी। इस दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत रखा जाएगा।
मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की विशेष निगरानी की जाए। जिन जिलों या केंद्रों को पहले संवेदनशील माना गया है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन को परीक्षा से पहले सभी केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा परीक्षा के दिन ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष तैयारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
परीक्षा केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी, नकल या अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सके। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों के आसपास भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों पर बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राजस्थान में जून के महीने में भीषण गर्मी को देखते हुए यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र पर बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए और अभ्यर्थियों के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे।
परीक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को भी इस बार पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्र की जांच और प्रतिबंधित वस्तुओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले कई स्तर की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे फर्जी उम्मीदवारों और नकल माफियाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने भी परीक्षा तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और NTA की ओर से सभी राज्यों को परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में राजस्थान में राज्य स्तर और जिला स्तर पर समन्वय समितियों को सक्रिय किया गया है। ये समितियां परीक्षा संचालन की लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
परीक्षा सामग्री और OMR शीट्स की सुरक्षा को लेकर भी इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। प्रश्न पत्रों और OMR शीट्स के परिवहन तथा संरक्षण के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षित परिवहन के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और परीक्षा सामग्री को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि पिछले घटनाक्रमों से सबक लेते हुए इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
गौरतलब है कि पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। NEET UG जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से लाखों छात्रों और अभिभावकों में निराशा और आक्रोश का माहौल बन गया था। ऐसे में अब राजस्थान सरकार और NTA दोनों इस परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर सख्ती और तकनीकी निगरानी को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है तो परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत किया जा सकता है। फिलहाल राज्य सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि 21 जून को होने वाली NEET UG 2026 परीक्षा बिना किसी विवाद और व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।


