राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सचिन पायलट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बार राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने पायलट को लेकर बड़ा बयान दिया है। बेनीवाल ने दावा किया कि सचिन पायलट आज भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के संपर्क में हैं। इसके साथ ही उन्होंने पायलट के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि मुख्यमंत्री बनना शायद उनकी किस्मत में नहीं है।
हनुमान बेनीवाल का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में भाजपा के राजस्थान प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने भी सचिन पायलट को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया था। राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा था कि सचिन पायलट का “एक पैर कांग्रेस में और एक पैर भाजपा में” है। इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। अब हनुमान बेनीवाल के बयान ने इस मुद्दे को और अधिक हवा दे दी है।
मीडिया से बातचीत के दौरान बेनीवाल ने कहा कि सचिन पायलट पहले भी भाजपा के काफी नजदीक रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद भी कभी भाजपा के अंदर रहे थे और बाद में अलग होकर अपनी पार्टी बना ली। बेनीवाल ने कहा कि जब कोई नेता किसी दल में लंबे समय तक काम करता है तो पुराने राजनीतिक रिश्ते बने रहते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता आज भी सचिन पायलट के संपर्क में हैं।
बेनीवाल ने पायलट की राजनीतिक स्थिति को “अधरझूल” बताते हुए कहा कि उनकी स्थिति ऐसी है जैसे एक पैर इधर और दूसरा उधर हो। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बयानों और राजनीतिक गतिविधियों से यह साफ संकेत मिलता है कि सचिन पायलट और भाजपा के बीच संवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि बेनीवाल ने यह भी कहा कि यह बातें भाजपा नेताओं की तरफ से कही जा रही हैं और वह केवल उन्हीं बातों का उल्लेख कर रहे हैं।
राजस्थान की राजनीति में सचिन पायलट लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके पायलट का नाम कई बार मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सामने आया, लेकिन अब तक उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं मिल सकी। इसी मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने खुद भी दो बार सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश की थी। बेनीवाल के अनुसार पहली बार वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के समय और दूसरी बार उस दौरान जब राज्य की कांग्रेस सरकार राजनीतिक संकट से गुजर रही थी।
बेनीवाल ने कहा कि अगर इन दोनों मौकों पर भी सचिन पायलट मुख्यमंत्री नहीं बन सके, तो अब वह क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी की किस्मत लिखना उनके हाथ में नहीं है। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सचिन पायलट की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और उनकी वर्तमान स्थिति की ओर इशारा करता है।
हनुमान बेनीवाल ने अपने बयान में गुर्जर समाज की राजनीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता यह मानते हैं कि गुर्जर समाज में यदि कोई मजबूत नेता है तो वह सचिन पायलट हैं। बेनीवाल ने कहा कि यह बात भाजपा नेताओं की तरफ से कही जाती रही है और इसी वजह से राजनीतिक चर्चाओं में सचिन पायलट का नाम लगातार बना रहता है।
राजस्थान की राजनीति में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। सचिन पायलट को गुर्जर समुदाय का बड़ा चेहरा माना जाता है और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा तथा कांग्रेस दोनों दलों की रणनीतियों में उनका नाम अक्सर चर्चा में रहता है। यही कारण है कि जब भी कोई बड़ा राजनीतिक बयान सामने आता है तो उसका असर पूरे राज्य की राजनीति पर दिखाई देता है।
हाल के दिनों में राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा दोनों के भीतर नेतृत्व और भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। ऐसे में सचिन पायलट को लेकर दिए जा रहे बयान राजनीतिक संकेतों के रूप में भी देखे जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नेताओं के बयान और अब हनुमान बेनीवाल की टिप्पणी ने एक बार फिर इस बहस को जन्म दे दिया है कि आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति किस दिशा में जाएगी।
हालांकि सचिन पायलट की ओर से इन बयानों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस भी फिलहाल इस मुद्दे पर खुलकर कुछ कहने से बचती नजर आ रही है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा लगातार जारी है कि राजस्थान की राजनीति में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
हनुमान बेनीवाल अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं और अक्सर राज्य की राजनीति में बड़े मुद्दों पर खुलकर राय रखते हैं। उनका यह बयान भी ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे में सचिन पायलट को लेकर दिया गया यह बयान आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दे सकता है।


