राजस्थान में गर्मी ने अब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्से भीषण लू की चपेट में आ चुके हैं। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान जिस तेजी से बढ़ा है, उसने आमजन का जीवन प्रभावित कर दिया है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है, वहीं लोग घरों में रहने को मजबूर हो रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है और आने वाले कुछ दिन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। श्रीगंगानगर और बाड़मेर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जहां पारा क्रमशः 44.5 और 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर भी इस गर्मी से अछूती नहीं रही और यहां तापमान 41.8 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। तापमान के साथ-साथ हवा में नमी का स्तर भी तेजी से गिरा है, जो कई स्थानों पर 8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस कम नमी के कारण ‘ड्राई हीट’ का प्रभाव और अधिक खतरनाक हो गया है, जिससे शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। खासतौर पर अलवर जिले के लिए 25 और 26 अप्रैल को ऊष्ण लहर का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में दिन के समय अत्यधिक गर्म हवाएं चलेंगी, जिससे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और यदि बाहर जाना जरूरी हो तो पर्याप्त पानी और सिर को ढकने का इंतजाम करना चाहिए।
हालांकि इस भीषण गर्मी के बीच थोड़ी राहत की उम्मीद भी जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 26 अप्रैल से सक्रिय हो सकता है, जिसका असर प्रदेश के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा। बीकानेर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में 26 अप्रैल को हल्की बारिश की संभावना है, जिससे वहां के तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। इसके बाद 27 और 28 अप्रैल को इस मौसम प्रणाली का प्रभाव और अधिक क्षेत्रों में फैल सकता है।
इन दिनों के दौरान जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर संभागों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। यहां मेघगर्जन के साथ धूलभरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में कुछ कमी जरूर आ सकती है और लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, सीकर और झुंझुनूं में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता कम हो सकती है और जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव के उपाय करना इस समय बेहद जरूरी है।


