राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बार विवाद के केंद्र में राज्य के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर हैं, जिन पर कांग्रेस ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया है कि मंत्री मदन दिलावर से जुड़ी एक संस्था ने स्काउट और गाइड प्रशिक्षण के नाम पर लाखों रुपए की गड़बड़ी की है। डोटासरा ने यह भी दावा किया कि कई प्रशिक्षण शिविर केवल कागजों में आयोजित किए गए, जबकि वास्तविकता में या तो वे हुए ही नहीं या फिर औपचारिक रूप से एक दिन में समाप्त कर दिए गए।
इस पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं मंत्री मदन दिलावर ने आरोपों का सीधे जवाब देने के बजाय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाकर सियासी बहस को और तीखा बना दिया है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेस से बातचीत के दौरान दावा किया कि वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा सरकार के समय भारत स्काउट एंड गाइड की तर्ज पर “हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड” नाम से एक संस्था बनाई गई थी। शुरुआत में यह संस्था केवल उदयपुर जिले तक सीमित थी, लेकिन बाद में इसका दायरा पूरे राजस्थान तक बढ़ा दिया गया। डोटासरा के अनुसार, वर्ष 2024 में संस्था ने अपना कार्यक्षेत्र पूरे प्रदेश में फैलाया और इसके अध्यक्ष स्वयं कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर बने। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था में अधिकतर महत्वपूर्ण पदों पर मंत्री के करीबी लोगों को नियुक्त किया गया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि मंत्री के प्रभाव और राजनीतिक रसूख के कारण इस संस्था को सरकारी स्कूलों में स्काउट और गाइड प्रशिक्षण देने के काम मिलते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर प्रशिक्षण शिविर सिर्फ रिकॉर्ड और दस्तावेजों में दिखाए गए। वास्तविक रूप से शिविरों का संचालन सही तरीके से नहीं हुआ, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उन्हें कई दिनों तक चलने वाला बताया गया। डोटासरा ने कहा कि इस प्रक्रिया में लाखों रुपए की राशि खर्च दिखाकर आर्थिक अनियमितताएं की गईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशिक्षण शुल्क और अन्य मदों में आने वाली रकम संस्था के अधिकृत खातों के बजाय निजी खातों में ट्रांसफर करवाई गई। इसके अलावा संस्था में नियुक्तियों और जिम्मेदारियां देने के नाम पर भी पैसों का लेनदेन होने के आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि संस्था के भीतर जिन लोगों ने इन कथित गड़बड़ियों का विरोध किया या आवाज उठाई, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय समिति या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री मदन दिलावर का इन कथित अनियमितताओं से कोई संबंध नहीं है तो उन्हें स्वयं निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए। डोटासरा ने चेतावनी दी कि अगर मामले को दबाने या लीपापोती करने की कोशिश की गई तो कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर अदालत तक उठाएगी।
कांग्रेस इस मुद्दे को केवल भ्रष्टाचार के आरोपों तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला बता रही है। पार्टी का कहना है कि स्काउट और गाइड जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और अनुशासन के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में यदि प्रशिक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं बल्कि छात्रों के साथ भी धोखा है।
दूसरी ओर, मंत्री मदन दिलावर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। हालांकि उन्होंने आरोपों के तथ्यों पर विस्तार से प्रतिक्रिया देने के बजाय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। दिलावर ने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा मानसिक रूप से परेशान हैं और इसी कारण इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष का किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करवाएं।
मदन दिलावर की इस प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर आरोपों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। पार्टी का कहना है कि यदि मंत्री के पास आरोपों का जवाब है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से दस्तावेज और तथ्य रखने चाहिए, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियां करनी चाहिए।
राजस्थान की राजनीति में मदन दिलावर पहले भी अपने बयानों और फैसलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। ऐसे में यह नया विवाद राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। विपक्ष इसे सरकार की कार्यशैली और पारदर्शिता से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की रणनीति बना रहा है। वहीं भाजपा इस पूरे मामले को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता सकती है।


