राजस्थान में ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का विस्तार लगातार किया जा रहा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल से अब दूरस्थ और मरुस्थलीय गांवों तक बेहतर सड़क संपर्क पहुंचाने की दिशा में बड़े स्तर पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-4 )के तहत राजस्थान को देश में सबसे अधिक सड़कों की स्वीकृति मिलना इस बात का संकेत है कि राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के अवसरों तक ग्रामीणों की पहुंच भी आसान बनेगी।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के लिए वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक देशभर में 62 हजार 500 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल 70 हजार 125 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन अलग-थलग और दूरस्थ बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ना है, जो अब तक विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाई थीं। वर्ष 2011 की जनसंख्या को आधार मानकर उन गांवों और बस्तियों की पहचान की जा रही है, जहां सड़क संपर्क की कमी आज भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
इस योजना के चौथे चरण में राजस्थान को सबसे अधिक लाभ मिला है। देशभर में अब तक स्वीकृत 4 हजार 795 सड़कों में से 1 हजार 216 सड़कें अकेले राजस्थान को मिली हैं। यह आंकड़ा अन्य सभी राज्यों से अधिक है। कुल स्वीकृत 15 हजार 401 किलोमीटर सड़क लंबाई में से 3 हजार 219 किलोमीटर लंबी सड़कें राजस्थान के हिस्से में आई हैं। सड़क लंबाई के मामले में राजस्थान जम्मू-कश्मीर के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य के लिए 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय प्रावधान किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य देखने को मिलेगा।
राजस्थान के कई ऐसे गांव हैं, जहां आज भी आवागमन की सुविधा सीमित है। विशेष रूप से मरुस्थलीय क्षेत्रों और दूरस्थ जनजातीय इलाकों में सड़क संपर्क की कमी लंबे समय से ग्रामीण विकास में बाधा बनी हुई थी। अब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में नई सड़कें बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों को अब बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाना आसान होगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज तक पहुंचने में कम समय लगेगा तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस चरण के तहत प्रदेश में करीब 8 हजार 584 किलोमीटर लंबाई की 912 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन सड़कों के निर्माण से मुख्य मार्गों और ग्रामीण संपर्क मार्गों का उन्नयन हुआ है। कृषि मंडियों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों तक बेहतर संपर्क स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार देखने को मिला है। सरकार का मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क गांवों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
केंद्र सरकार ने योजना की अवधि को मार्च 2025 से बढ़ाकर मार्च 2028 तक करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही योजना का संशोधित कुल वित्तीय परिव्यय 83 हजार 977 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले वर्षों में ग्रामीण सड़क विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। सड़क निर्माण के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि बनने वाली सड़कें लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहें।
राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों में भी इस योजना का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा वर्ष 2023 में शुरू की गई पीएम-जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसी योजना के अंतर्गत बारां जिले के शाहबाद और किशनगंज ब्लॉक में सहरिया जनजाति बहुल क्षेत्रों में 43 किलोमीटर लंबाई की 14 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है। इन सड़कों के बनने से दूरस्थ आदिवासी बस्तियों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और वहां रहने वाले लोगों को परिवहन संबंधी सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है।
हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में योजना के चौथे चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्थान को सड़क निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। सर्वाधिक सड़क लंबाई पूर्ण करने की श्रेणी में राजस्थान को देश में दूसरा स्थान मिला, जबकि गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए राजस्थान और तमिलनाडु को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्रदान किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत सड़क नेटवर्क किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ माना जाता है। सड़क संपर्क बेहतर होने से न केवल गांवों की आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं, बल्कि रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान बनती है। राजस्थान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहे कार्य आने वाले समय में ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्य के हजारों गांवों को इससे सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।


