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चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के 25 वर्ष पूरे, कटारिया और देवनानी ने सराहा योगदान

चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के 25 वर्ष पूरे, कटारिया और देवनानी ने सराहा योगदान

चित्तौड़गढ़ में शनिवार को आयोजित चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के रजत जयंती वर्ष समापन एवं गौरव समारोह ने सहकारिता, वित्तीय सशक्तिकरण और सामाजिक विश्वास की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की। शहर के इंदिरा प्रियदर्शिनी सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तथा राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, बैंक पदाधिकारियों, सदस्यों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने इसे विशेष महत्व प्रदान किया।

चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस समारोह का आयोजन किया। बैंक की इस यात्रा को केवल एक वित्तीय संस्था की सफलता के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, जनविश्वास और सहकारिता की मजबूत परंपरा के प्रतीक के रूप में देखा गया। कार्यक्रम के दौरान बैंक की उपलब्धियों, विकास यात्रा और समाज के प्रति उसके योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।

अपने संबोधन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सहकारी संस्थाएं देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में विश्वास, सहभागिता और सामूहिक विकास की भावना को भी मजबूत करती है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की 25 वर्षों की यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास होता है और बैंक ने यह विश्वास अपनी ईमानदार कार्यशैली, पारदर्शिता और सेवा भावना के माध्यम से अर्जित किया है।

कटारिया ने कहा कि जनता हमेशा उसी संस्था का साथ देती है जो निष्पक्षता और निष्ठा के साथ कार्य करती है। उन्होंने बैंक परिवार को रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी सेवा, विश्वास और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी संस्थाओं का विस्तार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अपने संबोधन में सहकारिता की अवधारणा को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि सहयोग और साझेदारी की भावना भारत के सामाजिक ढांचे का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक आर्थिक मॉडल नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सामूहिक विकास को गति देने का एक सशक्त माध्यम है।

देवनानी ने बैंक की प्रगति और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक स्वीकार करते हुए अपने ग्राहकों के बीच मजबूत विश्वसनीयता कायम की है। उन्होंने कहा कि बैंक के प्रति लोगों का अटूट भरोसा उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है और इस विश्वास को बनाए रखने के लिए निरंतर गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार पर ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि सहकारिता भारत के डीएनए में समाहित है और देश के विकास में इसकी भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने, छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहकारी संस्थाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से सहकारिता आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाने की अपील भी की।

समारोह के दौरान बैंक के अध्यक्ष आई. एम. सेठिया ने बैंक की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विस्तृत यात्रा का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बैंक ने पिछले 25 वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बैंक की विभिन्न उपलब्धियों, वित्तीय प्रदर्शन और ग्राहकों को प्रदान की जा रही आधुनिक सेवाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बैंक का उद्देश्य केवल वित्तीय सेवाएं प्रदान करना नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ विश्वास और पारदर्शिता पर आधारित दीर्घकालिक संबंध स्थापित करना भी है।

सेठिया ने बताया कि बदलते समय के साथ बैंक ने डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। इससे ग्राहकों को बेहतर और सुविधाजनक बैंकिंग अनुभव प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी बैंक नवाचार और उत्कृष्ट सेवा के माध्यम से अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।

कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने अतिथियों का स्वागत किया और बैंक की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ने क्षेत्र में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली की भी प्रशंसा की।

समारोह में सांसद सी.पी. जोशी, निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या तथा कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने बैंक की 25 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और जनसेवा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण संस्था बताया। उन्होंने कहा कि बैंक ने स्थानीय लोगों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक बद्रीलाल जाट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, बैंक के पूर्व निदेशक, वर्तमान पदाधिकारी, सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बैंक से जुड़े विभिन्न योगदानकर्ताओं का सम्मान भी किया गया और संस्था की उपलब्धियों को याद करते हुए भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की गई।

इससे पहले पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने उनका स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला।

चित्तौड़गढ़ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का रजत जयंती समारोह केवल एक संस्थागत उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि यह सहकारिता की उस भावना का भी उत्सव था जिसने पिछले 25 वर्षों में हजारों लोगों के जीवन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण भी बना कि जब कोई संस्था पारदर्शिता, विश्वास और जनसेवा को अपना मूल मंत्र बनाती है, तो वह समाज में स्थायी पहचान स्थापित करने में सफल होती है।

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