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राजस्थान PTI भर्ती में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए नियम लागू

राजस्थान PTI भर्ती में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए नियम लागू

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने आगामी पीटीआई भर्ती परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार जल्द ही करीब 1100 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इसके साथ ही यह संभावना भी जताई जा रही है कि प्रस्तावित परीक्षा से पहले पदों की संख्या में और वृद्धि की जा सकती है। जानकारी के अनुसार करीब 500 अतिरिक्त पद जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। इस बीच बोर्ड ने पिछली भर्ती में सामने आए बड़े फर्जीवाड़े से सबक लेते हुए भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, ताकि इस बार चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाई जा सके।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने स्पष्ट कहा है कि पिछली पीटीआई भर्ती में जिस प्रकार दस्तावेजों और डिग्री को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, उन्हें देखते हुए इस बार बोर्ड कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।

नई व्यवस्था के तहत अब अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय ही बीपीएड की मार्कशीट और खेल संबंधी प्रमाण पत्र ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चयन प्रक्रिया के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों को वही दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे जो उन्होंने आवेदन के समय अपलोड किए थे। यदि आवेदन के दौरान जमा किए गए प्रमाण पत्र और सत्यापन के समय प्रस्तुत दस्तावेजों में अंतर पाया गया तो ऐसे दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे और संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

बोर्ड का मानना है कि इस कदम से भर्ती प्रक्रिया में होने वाले फर्जीवाड़े को काफी हद तक रोका जा सकेगा। दरअसल, पिछली पीटीआई भर्ती 2022 में दस्तावेजों को लेकर बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आई थीं। जांच एजेंसियों ने पाया था कि कई अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय अलग दस्तावेज लगाए थे, जबकि चयन के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान अलग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए। इस मामले ने भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

पीटीआई भर्ती 2022 में सामने आए फर्जीवाड़े ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ था कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्री और नकली प्रमाण पत्रों के आधार पर चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। मामले की जांच में मध्य प्रदेश की सत्यसाईं यूनिवर्सिटी और उत्तर प्रदेश की जेएस यूनिवर्सिटी के नाम भी सामने आए थे। आरोप था कि इन संस्थानों के माध्यम से फर्जी डिग्री और प्रमाण पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की थी। जांच एजेंसियों ने संबंधित विश्वविद्यालयों में छापेमारी भी की। जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज बेचे गए थे। इस पूरे प्रकरण ने न केवल भर्ती प्रक्रिया को विवादों में ला दिया बल्कि लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे को भी प्रभावित किया।

कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि पीटीआई भर्ती 2022 की जांच के दौरान करीब 1200 ऐसे मामले सामने आए थे जिनमें आवेदन और दस्तावेज सत्यापन के दौरान अलग-अलग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए थे। अधिकांश अभ्यर्थियों ने इस गड़बड़ी के लिए ई-मित्र केंद्रों की गलती को जिम्मेदार बताया था, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हो गया कि कई मामलों में यह जानबूझकर किया गया था। उन्होंने कहा कि जांच से यह संकेत मिले कि चयन सूची में आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्री और प्रमाण पत्र खरीदे थे ताकि नियुक्ति हासिल की जा सके।

बोर्ड अब ऐसी किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त करना चाहता है। यही कारण है कि इस बार तकनीकी निगरानी और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को पहले से अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। आवेदन के दौरान अपलोड किए गए दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा और सत्यापन के समय उसका मिलान किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान करना भी आसान होगा।

राजस्थान में पीटीआई भर्ती का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है। खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हजारों युवा इस भर्ती का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और विवादमुक्त बनाए रखना बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इससे भविष्य की अन्य भर्तियों में भी पारदर्शिता बढ़ेगी और भर्ती परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार और कर्मचारी चयन बोर्ड इस बार परीक्षा को लेकर बेहद सतर्क दिखाई दे रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में तकनीक के अधिक उपयोग और दस्तावेजों की शुरुआती जांच से यह उम्मीद जताई जा रही है कि योग्य और वास्तविक अभ्यर्थियों को ही चयन का अवसर मिलेगा। आने वाले दिनों में भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। फिलहाल लाखों युवा इस भर्ती से जुड़ी अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

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