राजस्थान के जोधपुर और जालोर क्षेत्र को रेलवे विकास की दिशा में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 22 मई को एक दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचेंगे, जहां वे कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और घोषणा करेंगे। इस दौरे को पश्चिमी राजस्थान के रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत, वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार, मेगा कोचिंग टर्मिनल की घोषणा और रेलवे अधोसंरचना में सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले इस दौरे के मुख्य आकर्षण होंगे।
जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार रेल मंत्री सुबह हवाई मार्ग से जोधपुर पहुंचेंगे। इसके बाद जोधपुर रेलवे स्टेशन पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में सबसे बड़ा आकर्षण जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तारित स्वरूप होगा। वर्तमान में यह ट्रेन आठ कोचों के साथ संचालित हो रही है, लेकिन अब इसे 20 कोच संरचना में बदला जाएगा। रेल मंत्री नई संरचना वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले कई महीनों से इस ट्रेन में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग की समस्या सामने आ रही थी। खासकर जोधपुर और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले व्यापारियों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को सीट नहीं मिलने की परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब 20 कोच होने से ट्रेन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।
रेलवे आंकड़ों के अनुसार वर्तमान आठ कोच वाली वंदे भारत ट्रेन में लगभग 572 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, जबकि 20 कोच होने के बाद यह संख्या बढ़कर करीब 1440 तक पहुंच जाएगी। यानी प्रतिदिन लगभग 868 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। बताया गया कि 17 मार्च से 21 मई के बीच 56 दिन ऐसे थे, जब बढ़ी हुई क्षमता वाली ट्रेन का संचालन किया जा सकता था, लेकिन उद्घाटन कार्यक्रम की प्रतीक्षा के कारण इसे लागू नहीं किया गया। यदि उसी समय विस्तारित ट्रेन सेवा शुरू हो जाती तो लगभग 48 हजार 608 अतिरिक्त यात्री यात्रा कर सकते थे। इसके अभाव में हजारों यात्रियों को वेटिंग टिकट या अन्य ट्रेनों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
रेल मंत्री के दौरे के दौरान साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के विस्तार की भी शुरुआत की जाएगी। ट्रेन संख्या 20486/20485 को अब जैसलमेर तक बढ़ाया जाएगा। इससे पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। पर्यटन और व्यापार की दृष्टि से भी यह विस्तार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जैसलमेर आने वाले पर्यटकों को अब और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
इसके अलावा भगत की कोठी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए डिपो फेस-2 की घोषणा भी प्रस्तावित है। रेलवे विभाग के अनुसार भविष्य में लंबी दूरी की आधुनिक स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए यह डिपो विकसित किया जाएगा। इससे जोधपुर रेलवे मंडल को नई तकनीक और आधुनिक रेल सुविधाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
रेल मंत्री के कार्यक्रम में करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से नए मेगा कोचिंग टर्मिनल की स्थापना का ऐलान भी किया जा सकता है। यह परियोजना जोधपुर रेलवे नेटवर्क के विस्तार और ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नए टर्मिनल से ट्रेनों की मेंटेनेंस, पार्किंग और संचालन व्यवस्था अधिक आधुनिक और व्यवस्थित हो सकेगी। इससे भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने में भी सुविधा मिलेगी।
रेलवे अधोसंरचना सुधार के तहत जोधपुर-लूणी-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने की घोषणा भी प्रस्तावित है। यदि यह योजना लागू होती है तो इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पहले से अधिक तेज और सुगम हो जाएगा। यात्रियों का सफर समय घटेगा और रेलवे नेटवर्क की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
जोधपुर में कार्यक्रमों के बाद रेल मंत्री विशेष ट्रेन से जालोर के लिए रवाना होंगे। जालोर रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में नई भुज-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह नई ट्रेन भीलड़ी-जालोर-लूणी-पाली मारवाड़ मार्ग से संचालित होगी। लंबे समय से जालोर और आसपास के क्षेत्रों के लोग दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा की मांग कर रहे थे। नई ट्रेन शुरू होने से इस क्षेत्र के यात्रियों को राजधानी तक सीधी और सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी राजस्थान में तेजी से बढ़ते औद्योगिक और पर्यटन विकास को देखते हुए रेलवे नेटवर्क का विस्तार बेहद जरूरी हो गया था। जोधपुर, जालोर और जैसलमेर जैसे क्षेत्रों में नई ट्रेन सेवाएं और अधोसंरचना विकास न केवल यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का यह दौरा पश्चिमी राजस्थान के लिए रेलवे विकास के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ी हुई क्षमता, नई ट्रेन सेवाओं और आधुनिक रेलवे परियोजनाओं से आने वाले समय में लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


