राजस्थान के डीडवाना शहर स्थित जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद हनुमान बेनीवाल ने की। इस दौरान मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर, जिला कलक्टर अवधेश मीना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की प्रगति और आमजन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल अधिकारियों के कामकाज को लेकर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने कई योजनाओं के लंबित रहने और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जाहिर की। सांसद ने कहा कि पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की सही तरीके से पालना नहीं की गई, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांसद बेनीवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त किए जाते हैं और यदि कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उन्होंने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी।
बैठक के दौरान किसानों की समस्याएं भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहीं। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खराबे से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया। सांसद ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और किसी भी पात्र किसान को सहायता से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
डीडवाना जिले में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। सांसद बेनीवाल ने गांवों और कस्बों की टूटी एवं जर्जर सड़कों की जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब सड़कें आमजन के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सांसद ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के हर गांव और कस्बे में पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जहां पेयजल संकट की स्थिति है, वहां तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। सांसद ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या आमजन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है, इसलिए प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से काम करना होगा।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चर्चा हुई। सांसद ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई बनाए रखने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सांसद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में यह मुद्दा सामने आया कि कई स्थानों पर पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इस पर सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी सड़कें टूटी हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए ताकि आमजन को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर लोगों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
वन क्षेत्र में अवैध कटाई और अवैध खनन को लेकर भी सांसद ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सांसद ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में नियमित कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए। सांसद ने कहा कि शहरों और गांवों में स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है और इसके लिए स्थानीय निकायों को सक्रिय रूप से काम करना चाहिए। इसके अलावा पेंशन मामलों और श्रमिक कार्ड आवेदनों के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
बैठक के अंत में सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए प्रशासन को संवेदनशील होकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की बात कही। सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में विकास कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाएगी और यदि किसी विभाग में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी।


