पूर्वी राज्यों की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बंगाल चुनाव और गर्मी की छुट्टियों के चलते पूर्वी भारत जाने वाली ट्रेनों में अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। खासतौर पर राजस्थान, गुजरात और उत्तर भारत के कई हिस्सों से पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबी वेटिंग और टिकट की कमी का सामना करना पड़ रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए North Western Railway ने 20 अप्रैल से 28 अप्रैल तक पांच जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से जयपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जयपुर रूट पर पिछले कुछ दिनों से ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जा रही थी। कई नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग सूची चल रही थी, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त विशेष रेल सेवाएं शुरू की गई हैं ताकि यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके और यात्रा अधिक सुगम बनाई जा सके। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेनों की व्यवस्था की गई है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।
पहली विशेष ट्रेन Bhavnagar Terminus–Howrah Special Train के रूप में चलाई गई है। गाड़ी संख्या 09531 भावनगर टर्मिनस से 20 और 27 अप्रैल को शाम 5:45 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह जयपुर पहुंचेगी, जहां संक्षिप्त ठहराव के बाद हावड़ा के लिए आगे बढ़ेगी और तीसरे दिन रात में गंतव्य तक पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09532 हावड़ा से 23 और 30 अप्रैल को चलेगी और जयपुर होते हुए भावनगर पहुंचेगी। इस ट्रेन में स्लीपर, जनरल और गार्ड कोच सहित कुल 16 डिब्बे लगाए गए हैं, जिससे आम यात्रियों को बड़ी संख्या में सीटें उपलब्ध होंगी।
दूसरी सेवा Sabarmati–Durgapur Special Train के रूप में शुरू की गई है। गाड़ी संख्या 09421 साबरमती से 21 और 26 अप्रैल को रवाना होकर जयपुर होते हुए दुर्गापुर की ओर जाएगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09422 23 और 28 अप्रैल को दुर्गापुर से चलेगी और जयपुर के रास्ते साबरमती पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए गए हैं, जिनमें थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और पावरकार शामिल हैं। यह सेवा खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद होगी जो आरामदायक यात्रा के लिए एसी श्रेणी पसंद करते हैं।
तीसरी विशेष रेल सेवा Sabarmati–Asansol Special Train है। गाड़ी संख्या 09431 साबरमती से 20 और 26 अप्रैल को रवाना होकर जयपुर पहुंचेगी और वहां से आगे आसनसोल जाएगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09432 आसनसोल से 22 और 28 अप्रैल को संचालित होगी। इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल कोचों की अच्छी संख्या रखी गई है, ताकि मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों को राहत मिल सके। कुल 20 कोचों वाली यह ट्रेन पूर्वी भारत जाने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प मानी जा रही है।
चौथी विशेष ट्रेन Udaipur City–Asansol Special Train है, जिसे उदयपुर सिटी से 28 अप्रैल को चलाया जाएगा। यह ट्रेन अगले दिन सुबह जयपुर पहुंचेगी और फिर आसनसोल के लिए रवाना होगी। वापसी में 30 अप्रैल को आसनसोल से उदयपुर सिटी के लिए यह ट्रेन चलेगी। इस सेवा में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और जनरल कोचों सहित कुल 22 डिब्बे लगाए गए हैं। इससे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों को भी सीधे पूर्वी भारत तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
पांचवीं विशेष ट्रेन जयपुर क्षेत्र के यात्रियों के लिए सबसे खास मानी जा रही है। Khatipura–Howrah Special Train गाड़ी संख्या 09701 के रूप में 23 अप्रैल को खातीपुरा से सीधे हावड़ा के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन रात को हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09702 25 अप्रैल को हावड़ा से रवाना होकर अगले दिन खातीपुरा पहुंचेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल कोच सहित कुल 20 डिब्बे लगाए गए हैं। जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए यह ट्रेन विशेष रूप से लाभकारी रहेगी क्योंकि उन्हें राजधानी क्षेत्र से सीधी सेवा मिलेगी।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन सभी ट्रेनों का ठहराव कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रखा गया है। इनमें Jaipur, Ajmer, Bandikui, Bharatpur, Tundla, Prayagraj, Pandit Deen Dayal Upadhyaya Junction, Gaya, Koderma, Asansol, Durgapur और Bardhaman जैसे स्टेशन शामिल हैं। इससे विभिन्न शहरों के यात्रियों को सीधे और सुविधाजनक कनेक्शन मिल सकेगा।
गर्मी की छुट्टियों में परिवारों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की यात्रा मांग हर साल बढ़ती है। इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों के कारण भी लोगों की आवाजाही अधिक है। ऐसे में रेलवे का यह निर्णय समय पर उठाया गया कदम माना जा रहा है। अतिरिक्त ट्रेनों से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि यात्रियों को तत्काल और प्रतीक्षा सूची की समस्या से भी राहत मिलेगी।


