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राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

राजस्थान में परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के निलंबन और भारी-भरकम चालानों ने निजी बस ऑपरेटरों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। इसी विरोध के चलते राज्यभर के निजी बस ऑपरेटरों ने 23 फरवरी की आधी रात से अपने वाहन न चलाने का निर्णय लिया है। यह हड़ताल पूरे प्रदेश में प्रभावी होगी और इससे हजारों मार्गों पर बसों का संचालन ठप होने की आशंका है। इस राज्यव्यापी हड़ताल में बांसवाड़ा (Banswara)  के निजी बस ऑपरेटर भी शामिल हो गए हैं, जिन्होंने पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

परिवहन विभाग की कार्रवाई से बढ़ी ऑपरेटरों की नाराजगी

राजस्थान में पिछले कुछ समय से परिवहन विभाग सख्ती बरतते हुए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निलंबित करने और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 153 के तहत लाखों रुपये के चालान जारी कर रहा है। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि इन कार्रवाइयों में न्यायसंगत प्रक्रिया का अभाव है और बिना पर्याप्त कारण के भारी दंड लगाए जा रहे हैं। बस ऑपरेटरों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि परिवहन विभाग ने बसों और टैक्सियों में लगेज कैरियर लगाने पर रोक लगा दी है और इसके उपयोग पर भी लगातार जुर्माना वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों और टूरिस्टों के लिए यह सुविधा अनिवार्य है। कैरियर हटाने से यात्रियों की असुविधा बढ़ेगी, जबकि ऑपरेटरों को भी अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ेगा।

बांसवाड़ा में बैठक, 16 एजेंसियों ने जताया समर्थन

हड़ताल के समर्थन में All India Contract Carriage Bus Association से जुड़े बांसवाड़ा क्षेत्र के बस ऑपरेटरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुजफ्फर अली ने की, जिसमें उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा से संचालित सभी निजी बसें हड़ताल के दौरान पूरी तरह चक्का जाम रखेंगी। बैठक में प्रेम कुमार माटा, अनवर हुसैन, वसीम, कमल जैन, राजेश जैन और सईद सहित कुल 16 एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एकमत होकर कहा कि जब तक परिवहन विभाग अपनी कठोर नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

यात्रियों पर भारी असर, कई प्रमुख मार्ग प्रभावित

हड़ताल के कारण पूरे राजस्थान में यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर बांसवाड़ा से चलने वाली बसें अनेक प्रमुख मार्गों पर संचालित होती हैं, जिन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। हड़ताल से प्रभावित होने वाले प्रमुख मार्ग इस प्रकार हैं—

  • बांसवाड़ा से Jaipur

  • बांसवाड़ा से Sikar

  • बांसवाड़ा से Jodhpur

  • बांसवाड़ा से Bikaner

  • बांसवाड़ा से Udaipur

  • बांसवाड़ा से Ahmedabad

  • बांसवाड़ा से Indore

  • बांसवाड़ा से Burhanpur

  • बांसवाड़ा से Mumbai

इन मार्गों पर बड़ी संख्या में दैनिक यात्री, विद्यार्थी, ऑफिस कर्मचारी और व्यापारियों का आवागमन होता है। इसलिए बसों का रुकना सीधे लाखों लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करेगा।

आगे भी जारी रह सकता है आंदोलन

बस ऑपरेटरों का कहना है कि यदि सरकार और परिवहन विभाग के साथ होने वाली बातचीत में समाधान नहीं निकलता है, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है। ऑपरेटरों का यह भी कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन एकतरफा निर्णय और कठोर कार्रवाई किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। राजस्थान में निजी बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में हड़ताल का असर न केवल यात्रियों पर पड़ रहा है, बल्कि राज्य की परिवहन व्यवस्था भी अस्त-व्यस्त हो सकती है। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि यात्रा योजनाएं बनाते समय स्थिति को ध्यान में रखें और वैकल्पिक साधनों की तलाश करें।

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