राजस्थान के डीडवाना जिले के परबतसर थाना क्षेत्र में ऊंट तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना ने न केवल पशु तस्करी के गंभीर पहलू को उजागर किया है, बल्कि गौरक्षा दल द्वारा तस्करों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर भी सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच बहस छेड़ दी है। पुलिस और गौरक्षा दल की संयुक्त कार्रवाई में एक ट्रक से 21 ऊंटों को मुक्त कराया गया, जबकि दो कथित तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया। हालांकि इस पूरी घटना का सबसे चर्चित पहलू वह वीडियो बन गया, जिसमें पकड़े गए तस्करों को साड़ी पहनाकर सड़क पर डांस करवाया गया और उनसे माफी मंगवाई गई।
जानकारी के अनुसार यह मामला 3 मई की देर रात का बताया जा रहा है। गौरक्षा दल किशनगढ़ को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक में बड़ी संख्या में ऊंटों को अवैध रूप से भरकर परबतसर के रास्ते हरियाणा के मेवात इलाके की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही गौरक्षा दल के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और हाईवे पर निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद संदिग्ध ट्रक दिखाई देने पर उसे रुकवाया गया। ट्रक को रोकने के बाद जब उसकी जांच की गई तो अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि ट्रक के भीतर तिरपाल से ढंककर ऊंटों और ऊंटनियों को बेहद क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। कुल 21 ऊंट ट्रक में पाए गए। गर्मी और हवा की कमी के कारण कई पशुओं की हालत खराब थी। इनमें से दो ऊंटों की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मृत ऊंटों को देखकर गौरक्षा दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना था कि पशुओं के साथ इस तरह की निर्दयता अमानवीय है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरक्षा दल के सदस्यों ने मौके पर मौजूद तीन लोगों को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वहां ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहा है कि गौरक्षकों ने कथित तस्करों को साड़ी पहनाई और सड़क पर फिल्मी गाने “मुझको राणा जी माफ करना, गलती म्हारे से हो गई…” पर डांस करवाया। वीडियो में दोनों युवक हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए भी नजर आ रहे हैं। आसपास खड़े लोग इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते दिखाई दे रहे हैं।
कुछ ही घंटों में यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पशु क्रूरता के खिलाफ गुस्से का परिणाम बता रहे हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि कानून हाथ में लेना सही नहीं है और आरोपियों को सजा देने का अधिकार केवल कानून और अदालत को है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई है और लोग अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही परबतसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी राजेंद्र प्रसाद पुलिस जाब्ते के साथ वहां पहुंचे और हालात को संभाला। इसके बाद ट्रक को कब्जे में लिया गया और जीवित बचे ऊंटों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। पुलिस ने मामले में हरियाणा के मेवात निवासी वसीम अकरम और उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी जिशान के खिलाफ पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है कि ऊंटों को कहां से लाया गया था और इन्हें किस उद्देश्य से मेवात ले जाया जा रहा था।
राजस्थान में ऊंट राज्य पशु घोषित है और ऊंटों की तस्करी तथा अवैध परिवहन को लेकर पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। लगातार घटती ऊंटों की संख्या को देखते हुए सरकार और पशु संरक्षण से जुड़े संगठन पहले से ही चिंता जता चुके हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं पशु संरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। पशुपालकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऊंटों की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
वहीं दूसरी ओर, वायरल वीडियो ने गौरक्षा दल की कार्यप्रणाली को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। कई लोग इसे सार्वजनिक अपमान बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि क्या किसी आरोपी को इस तरह सजा देना उचित है, जबकि कुछ लोग इसे अपराधियों को सबक सिखाने का तरीका बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ऊंटों की तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।


