मनीषा शर्मा। कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय सबसे सामान्य कामों में से एक है फाइल्स को डिलीट करना। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या जब हम किसी फाइल को डिलीट करते हैं तो वह सच में हमेशा के लिए मिट जाती है? तकनीकी दृष्टि से यह उतना आसान नहीं है जितना लगता है। डिलीट की गई फाइलें वास्तव में कई चरणों से गुजरती हैं और तब जाकर स्थायी रूप से हट पाती हैं। इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझेंगे कि कंप्यूटर फाइल डिलीट होने के बाद क्या-क्या होता है, डेटा रिकवरी कैसे संभव है और स्थायी रूप से फाइल्स को हटाने के तरीके क्या हैं।
पहला चरण: Recycle Bin/Trash – अस्थायी ठिकाना
जब आप किसी फाइल को साधारण ‘Delete’ बटन दबाकर हटाते हैं, तो वह सीधे मिटती नहीं है। वह फाइल आपके ऑपरेटिंग सिस्टम के Recycle Bin (Windows) या Trash (macOS) में चली जाती है। यह एक तरह का अस्थायी स्टोरेज है जहां फाइलें तब तक रहती हैं जब तक आप बिन को खाली नहीं करते।
यहां से फाइल को आसानी से Restore करके उसकी पुरानी लोकेशन पर वापस लाया जा सकता है।
मतलब, इस स्तर पर फाइल पूरी तरह डिलीट नहीं होती, बल्कि बस एक ‘Waiting Room’ में शिफ्ट हो जाती है।
दूसरा चरण: Recycle Bin/Trash को खाली करना
जब आप Recycle Bin या Trash को खाली करते हैं तो फाइल वहां से हट जाती है। ऑपरेटिंग सिस्टम अब उस स्पेस को “खाली” मान लेता है और नए डेटा को लिखने के लिए तैयार कर देता है।
लेकिन वास्तविकता यह है कि फाइल का असल डेटा अभी भी ड्राइव पर मौजूद होता है। बस उसकी लोकेशन को सिस्टम से हटा दिया जाता है ताकि वह आसानी से एक्सेस न हो सके। यानी इस स्टेज पर भी डेटा रिकवरी संभव है।
तीसरा चरण: डेटा का ओवरराइट होना – असली परमानेंट डिलीट
Recycle Bin खाली करने के बाद भी फाइल तब तक पूरी तरह डिलीट नहीं होती जब तक कि उसकी जगह पर नया डेटा नहीं लिखा जाता। यदि उसी लोकेशन पर कोई नई फाइल सेव होती है या कोई प्रोग्राम इंस्टॉल किया जाता है, तो पुरानी फाइल का डेटा धीरे-धीरे ओवरराइट हो जाता है। एक बार ओवरराइट होने के बाद फाइल को रिकवर करना लगभग असंभव हो जाता है। यही वह स्टेज है जिसे Permanent Delete कहा जाता है।
Shift + Delete: क्या यह स्थायी डिलीट है?
अक्सर लोग मानते हैं कि Shift + Delete का उपयोग करके फाइल को हमेशा के लिए मिटा दिया जाता है। हकीकत यह है कि इस शॉर्टकट से फाइल केवल Recycle Bin को बायपास करती है, लेकिन उसका डेटा ड्राइव पर तब तक रहता है जब तक वह ओवरराइट नहीं हो जाता। यानी Shift + Delete करने पर भी डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर से फाइल वापस लाई जा सकती है।
SSD और HDD में अंतर
डेटा डिलीट होने की प्रक्रिया HDD (Hard Disk Drive) और SSD (Solid State Drive) में अलग होती है।
HDD में: डेटा तब तक रहता है जब तक उस पर नया डेटा न लिखा जाए। इसलिए HDD से फाइल रिकवर करना आसान होता है।
SSD में: इसमें TRIM Command होती है, जो खाली की गई जगह को तुरंत साफ कर देती है ताकि नई फाइल जल्दी सेव हो सके। इसलिए SSD से फाइल रिकवर करना ज्यादा मुश्किल होता है, हालांकि कुछ मामलों में संभव है।
डेटा रिकवरी सॉफ़्टवेयर – डिलीटेड फाइल की वापसी
बाजार में कई प्रोफेशनल और पर्सनल लेवल के डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर मौजूद हैं जो डिलीट हुई फाइल्स को वापस ला सकते हैं।
ये ड्राइव को स्कैन करके उन हिस्सों को ढूंढते हैं जहां डेटा अभी तक ओवरराइट नहीं हुआ है।
जितनी जल्दी रिकवरी की कोशिश करेंगे, सफलता की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर उदाहरण – Recuva, EaseUS Data Recovery, Disk Drill आदि।
डेटा सिक्योरिटी – फाइल श्रेडर और डेटा वाइपर का महत्व
अगर आप नहीं चाहते कि आपकी डिलीट की गई फाइल कभी भी रिकवर हो पाए, तो केवल Delete या Shift+Delete पर भरोसा करना सही नहीं है।
इसके लिए File Shredder या Data Wiper Software का इस्तेमाल किया जाता है।
ये सॉफ्टवेयर उस जगह पर कई बार रैंडम डेटा लिखते हैं, जिससे पुराना डेटा पूरी तरह नष्ट हो जाता है।
यह तरीका खासकर तब जरूरी है जब आप अपना लैपटॉप या हार्ड ड्राइव किसी और को बेच रहे हों या दान कर रहे हों।
कुछ महत्वपूर्ण सुझाव
संवेदनशील या पर्सनल फाइल्स को केवल Delete न करें, हमेशा File Shredder का प्रयोग करें।
यदि गलती से कोई महत्वपूर्ण फाइल डिलीट हो जाए तो तुरंत रिकवरी की कोशिश करें और नए डेटा को सेव करने से बचें।
SSD का उपयोग करने पर डेटा रिकवरी की संभावना कम होती है, इसलिए Backup रखना ज्यादा जरूरी है।
क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल डेटा लॉस से बचने का बेहतर उपाय है।
कंप्यूटर से फाइल डिलीट करना सीधा-सादा प्रोसेस लगता है, लेकिन असलियत यह है कि फाइल तब तक स्थायी रूप से नहीं मिटती जब तक उसकी लोकेशन पर नया डेटा ओवरराइट न हो जाए। Recycle Bin, Shift + Delete, HDD-SSD का फर्क और डेटा रिकवरी सॉफ्टवेयर की क्षमता यह दिखाते हैं कि डिलीट की गई फाइलें अक्सर वापस लाई जा सकती हैं। यदि आपको किसी फाइल को हमेशा के लिए हटाना है, तो File Shredder जैसे सिक्योरिटी टूल्स का इस्तेमाल करना ही एकमात्र सुरक्षित तरीका है।


