शोभना शर्मा। सपा सांसद रामजी लाल सुमन के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा खड़ा कर दिया है। उन्होंने सदन में कहा कि “अगर मुसलमान बाबर की औलाद हैं, तो बीजेपी वाले उस गद्दार राणा सांगा की औलाद हैं।” इस बयान के बाद पूरे देश में विरोध की लहर दौड़ गई है। राजपूत समाज के साथ-साथ करणी सेना ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
करणी सेना का कड़ा रुख
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “राणा सांगा को गद्दार कहने वाले की जीभ काट लेंगे। जहां मिले, पटककर कूटेंगे और मुंह काला करके इलाज करेंगे।” मकराना ने यह भी कहा कि जब तक रामजी लाल सुमन की राज्यसभा सदस्यता खत्म नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
अखिलेश यादव से माफी की मांग
बीजेपी के कई नेताओं ने रामजी लाल सुमन के इस बयान पर कड़ी निंदा की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से माफी की मांग की है। नेताओं का कहना है कि रामजी लाल सुमन के बयान से समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और ऐसे बयानों से समाज में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
करणी सेना का अल्टीमेटम
रविवार को आईएसबीटी के पास पार्क में महाराणा प्रताप की मूर्ति खंडित किए जाने को लेकर राजपूत समाज की महापंचायत आयोजित हुई। इस दौरान करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर सात दिनों के भीतर मूर्ति नहीं लगाई गई, तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सांसद रामजी लाल सुमन का बयान
रामजी लाल सुमन ने सदन में कहा था कि “बीजेपी के लोग अक्सर कहते हैं कि उनमें बाबर का डीएनए है। मैं जानना चाहता हूं कि बाबर को भारत में लाने वाला कौन था? क्या इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा ने नहीं बुलाया था?” उनके इस बयान ने राजपूत समाज और करणी सेना में आक्रोश पैदा कर दिया है।
करणी सेना का ऐलान: मुंह काला और इलाज
करणी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि रामजी लाल सुमन को जहां भी देखा जाएगा, वहां उनका मुंह काला किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि “जब तक उनकी राज्यसभा सदस्यता खत्म नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।”
सियासी हलचल तेज
इस बयान के बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है। कई विपक्षी पार्टियों ने इस विवाद में कूदकर बयानबाजी शुरू कर दी है। बीजेपी के नेताओं ने सपा सांसद पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यह तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है।


