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पुलिसकर्मियों की होली फीकी, वेतन विसंगति और डीपीसी की मांग बनी वजह

पुलिसकर्मियों की होली फीकी, वेतन विसंगति और डीपीसी की मांग बनी वजह

शोभना शर्मा।   राजस्थान के कई जिलों में इस बार होली का त्योहार फीका रहा क्योंकि पुलिसकर्मियों ने वेतन विसंगति और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की मांग को लेकर होली का बहिष्कार किया। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बालोतरा, हनुमानगढ़, बहरोड़, झालावाड़, श्रीगंगानगर और राजसमंद जैसे जिलों में पुलिस लाइन में आयोजित होली समारोह में पुलिसकर्मी शामिल नहीं हुए। कमिश्नर और एसपी द्वारा दिए गए निमंत्रण के बावजूद अधिकांश पुलिसकर्मी होली समारोह में शामिल नहीं हुए, जिसके कारण केवल उच्च अधिकारी ही आपस में रंग लगाकर और नाच-गाकर त्योहार मनाते देखे गए। कई जगहों पर पुलिस लाइन में केवल गानों की आवाजें सुनाई दीं, लेकिन मैदान पूरी तरह खाली था और समारोह के सारे इंतजाम व्यर्थ हो गए।

होली बहिष्कार की मुख्य वजहें:

राजस्थान के पुलिसकर्मी वेतन विसंगति और डीपीसी की मांग को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि निचले पद के पुलिसकर्मियों के वेतन और पदोन्नति में अन्य विभागों की तुलना में बड़ा अंतर है।
वर्तमान में राजस्थान पुलिस में सिपाही, राजस्व विभाग में पटवारी, और प्रशासनिक सेवा में कनिष्ठ लिपिक का प्रारंभिक वेतनमान 5200 से 20200 और ग्रेड पे 1900 रुपये है। हालांकि, 9 साल की सेवा के बाद पहली पदोन्नति में पटवारी की ग्रेड पे 1900 से बढ़कर 3200 रुपये हो जाती है, जबकि कनिष्ठ लिपिक की 2400 रुपये होती है। दूसरी ओर, सिपाही की ग्रेड पे केवल 2000 रुपये ही होती है।

दूसरी पदोन्नति के बाद पटवारी नायब तहसीलदार बनकर 3600 रुपये की ग्रेड पे प्राप्त करता है, जबकि कनिष्ठ लिपिक कार्यालय सहायक बनकर 3200 रुपये की ग्रेड पे लेता है। लेकिन, सिपाही की ग्रेड पे एएसआई के रूप में केवल 2400 रुपये होती है। इसके बाद 27 साल की सेवा पर तीसरी पदोन्नति में सिपाही उप निरीक्षक, पटवारी तहसीलदार और कनिष्ठ लिपिक कार्यालय अधीक्षक बन जाता है। यहां भी तहसीलदार की ग्रेड पे 4200 रुपये, कार्यालय अधीक्षक की 3600 रुपये और उप निरीक्षक की केवल 3600 रुपये होती है।

किरोड़ी लाल मीणा का समर्थन:

पुलिसकर्मियों की मांगों को लेकर पूर्व कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि होली एक वार्षिक आनंदप्रदायक पर्व है जिसे सभी को हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे अपनी मांगों को लेकर निश्चिंत रहें क्योंकि वे मुख्यमंत्री तक उनकी समस्याओं को पहुंचाएंगे और उन्हें हल कराने का प्रयास करेंगे। मीणा ने पुलिसकर्मियों से यह भी निवेदन किया कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी जनसेवा में निरंतर कार्यरत रहते हैं और होली के पर्व को पूरे उल्लास के साथ मनाना चाहिए।

समाधान की उम्मीद:

राजस्थान पुलिसकर्मियों की वेतन विसंगति और डीपीसी की मांगों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन केवल एक शुरुआत हो सकती है। हालांकि किरोड़ी लाल मीणा के समर्थन से यह उम्मीद बढ़ी है कि उनकी मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचेंगी और उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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