मनीषा शर्मा। राजस्थान में होने वाले उपचुनाव को लेकर बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने एक बड़ी राजनीतिक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “हमें इस उपचुनाव में कुछ भी खोने का डर नहीं है, बल्कि हमें सिर्फ जीत हासिल करनी है, और हम इसे अच्छी तरह से पाकर रहेंगे।” अग्रवाल के इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, और इसके कई राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।
दरअसल, अग्रवाल यह बयान बीजेपी ऑफिस में आयोजित प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चों और विभाग की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान दे रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 7 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बीजेपी के पास केवल एक सीट है। अन्य छह सीटों में से एक सीट आरएलपी के पास, एक सीट बाप और चार सीटें कांग्रेस के पास हैं।
चुनौती सभी पार्टियों को
राधा मोहन दास अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से चुनौती देते हुए कहा, “मेरी उन सभी पार्टियों को चुनौती है कि वह अपनी-अपनी सीटें बचाने के लिए अभियान में लग जाएं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास इस चुनाव में कुछ खोने के लिए नहीं है। हमें सिर्फ जीतनी है और हम इसे पूरी मेहनत के साथ प्राप्त करेंगे।” यह बयान उनकी आत्मविश्वास भरी चुनावी रणनीति को दर्शाता है, जिसमें बीजेपी का पूरा फोकस जीत पर है।
किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे पर टिप्पणी
किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा तेज रही। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा, “किरोड़ी लाल मीणा पूरी तरह से सरकार और संगठन के साथ हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि किरोड़ी लाल मीणा सरकारी कार्यों से जुड़े हुए हैं और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहें सिर्फ मुंगेरीलाल के सपने हैं।
संगठन की मजबूती पर जोर
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “संगठन ही सरकार बनाता है। कार्यकर्ताओं को मजबूत रखना हमारी प्राथमिकता है। कार्यकर्ताओं के काम की मांग हमेशा बनी रहेगी, और जागरूक कार्यकर्ता ही संगठन को मजबूत बनाते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की मजबूती के बिना सरकार बनाना असंभव है, और इसीलिए कार्यकर्ताओं की डिमांड को पूरा करना बेहद जरूरी है।
युवा मोर्चा की कार्यकारिणी विवाद पर सफाई
युवा मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा के बाद पैदा हुए विवाद पर राठौड़ ने कहा, “युवा मोर्चा की कार्यकारिणी पर कोई बड़ा विवाद नहीं है। यह मामला प्रभारी के स्तर पर हल किया गया था और अब इसे परिवार की तरह बैठकर सुलझा लिया गया है। जल्दबाजी में कुछ गलतियां हुईं थीं, जिन्हें अब सुधार लिया गया है।”
इस विवाद की शुरुआत पिछले रविवार को तब हुई, जब करीब 14 महीने बाद युवा मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा की गई। घोषणा के कुछ मिनटों बाद ही इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया और फिर तुरंत वापस ले लिया गया।
उपचुनावों में बीजेपी की रणनीति
बीजेपी की रणनीति इस बार पूरी तरह से स्पष्ट है—सभी सीटों पर जीत हासिल करना। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि राजस्थान में बीजेपी ने पिछले 9 महीनों में ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनका लाभ उपचुनाव में निश्चित तौर पर मिलेगा।
राधा मोहन दास अग्रवाल का आत्मविश्वास से भरा बयान और मदन राठौड़ की कार्यकर्ताओं पर भरोसे की नीति दर्शाती है कि बीजेपी आगामी उपचुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है—राज्य में अपने आधार को और मजबूत करना और विपक्ष को पीछे धकेलना।