राजस्थान में हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड संस्था को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा संस्था में करोड़ों रुपये के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। इन आरोपों के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए डोटासरा पर व्यक्तिगत हमला बोला और कहा कि वे मानसिक संतुलन खो चुके हैं तथा उन्हें किसी अच्छे मनोरोग अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है। दोनों नेताओं के बीच शुरू हुआ यह बयान युद्ध अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड संस्था को लेकर सवाल उठाए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि राजस्थान कॉपरेटिव सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत इस संस्था में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि संस्था वर्तमान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के संरक्षण में संचालित हो रही है और यहां शिविरों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा नियुक्तियों के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है। डोटासरा के ट्वीट के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया और इस मामले ने मीडिया की सुर्खियां पकड़ लीं।
डोटासरा ने बाद में मीडिया के सामने विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि संस्था के माध्यम से सरकारी और अन्य स्रोतों से आने वाली राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2025 में जयपुर जिले के चाकसू क्षेत्र में आयोजित पांच दिवसीय शिविर वास्तव में केवल एक दिन ही संचालित हुआ, लेकिन दस्तावेजों में पूरे पांच दिन का खर्च दिखाकर शुल्क वसूला गया। डोटासरा ने कहा कि जिस समय शिविर आयोजित दिखाया गया, उस दौरान बोर्ड परीक्षाएं चल रही थीं, ऐसे में इतने बड़े स्तर पर आवासीय शिविर आयोजित होना व्यवहारिक रूप से संभव ही नहीं था। इसके बावजूद फर्जी बिल और वाउचर तैयार कर भुगतान लेने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संस्था के भीतर पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है और वित्तीय लेनदेन में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच कराए तो करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है। डोटासरा ने यह भी कहा कि शिक्षा और युवा गतिविधियों से जुड़ी संस्थाओं का राजनीतिक संरक्षण में दुरुपयोग होना बेहद गंभीर मामला है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा उनके पुराने मित्र जरूर हैं, लेकिन अब वे मानसिक रूप से असंतुलित हो चुके हैं। दिलावर ने कहा कि डोटासरा बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं और केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ समझ रही है और बेबुनियाद आरोपों से किसी की छवि खराब नहीं की जा सकती।
मदन दिलावर ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति स्वयं भ्रष्टाचार की मानसिकता रखता है, उसे हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनका जवाब वही है जो पहले था और डोटासरा को इलाज की जरूरत है। शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया। कांग्रेस नेताओं ने दिलावर की भाषा पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा नेताओं ने मंत्री के बयान का समर्थन किया।
राजस्थान की राजनीति में यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली हो। इससे पहले भी शिक्षा विभाग, भर्ती परीक्षाओं और प्रशासनिक मामलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार आरोप-प्रत्यारोप हो चुके हैं। हालांकि इस बार मामला सीधे वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटाले से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रूप से ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह विवाद और बढ़ सकता है, क्योंकि कांग्रेस इस मुद्दे को भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा इसे राजनीतिक साजिश और विपक्ष की हताशा बता रही है। यदि इस मामले में किसी स्तर पर जांच बैठती है तो यह विवाद प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।


