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गंगापुरसिटी में ट्रैफिक पुलिस से मारपीट, युवक हिरासत में

गंगापुरसिटी में ट्रैफिक पुलिस से मारपीट, युवक हिरासत में

राजस्थान के गंगापुरसिटी  में रविवार को यातायात नियमों की जांच के दौरान एक बड़ा हंगामा देखने को मिला। ट्रैफिक पुलिस द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर एक बोलेरो चालक को रोकना पुलिसकर्मियों के लिए भारी पड़ गया। आरोप है कि युवक ने खुद को सरपंच का बेटा और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बताते हुए न केवल पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की, बल्कि उनके साथ मारपीट करते हुए सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंचाई। घटना के दौरान युवक ने पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी, चालान बुक नष्ट कर दी और यातायात पुलिस के केबिन में घुसकर तोड़फोड़ भी की। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

पूरा मामला शहर के फव्वारा चौक का बताया जा रहा है, जहां यातायात पुलिस की टीम नियमित जांच अभियान चला रही थी। जानकारी के अनुसार यातायात विभाग के एएसआइ कुशल कुमार अपने सहयोगी कांस्टेबल नाहरसिंह के साथ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की बोलेरो कार वहां पहुंची, जिस पर लाल रंग से “राजस्थान हाईकोर्ट” लिखा हुआ था। इसके अलावा वाहन के आगे लगे शीशे पर “राजस्थान विश्वविद्यालय” भी अंकित था। पुलिसकर्मियों ने जब वाहन को देखा तो पाया कि चालक ने सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई थी और वाहन के शीशों पर काली फिल्म भी चढ़ी हुई थी, जो नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

नियमों के उल्लंघन को देखते हुए कांस्टेबल नाहरसिंह ने चालक को वाहन रोकने का इशारा किया। आरोप है कि युवक ने वाहन सड़क के बीचोंबीच खड़ा कर दिया और पुलिसकर्मियों से बहस शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने उसे यातायात नियमों की जानकारी देते हुए चालान बनाने की बात कही, लेकिन युवक इस बात पर भड़क गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने खुद को प्रभावशाली परिवार से जुड़ा बताते हुए पुलिसकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक युवक ने कहा कि वह सरपंच का बेटा है, उसकी विधायक और सांसदों तक पहुंच है और वह विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुका है। उसने पुलिसकर्मियों को धमकी देते हुए कहा कि वह उनकी नौकरी तक खत्म करवा सकता है। इसके बाद विवाद अचानक बढ़ गया और युवक ने एएसआइ कुशल कुमार तथा कांस्टेबल नाहरसिंह के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी।

घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी बीच-बचाव के लिए पहुंचे। कांस्टेबल प्रेमराज ने जब स्थिति को संभालने की कोशिश की तो आरोपी युवक ने उनके साथ भी अभद्रता और हाथापाई की। पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए यातायात पुलिस के केबिन में चले गए, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया। आरोप है कि युवक ने गुस्से में आकर केबिन के अंदर रखी कुर्सियां और टेबल तोड़ डालीं। इतना ही नहीं, उसने चालान बुक भी फाड़ दी, जिससे सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचा।

मारपीट और तोड़फोड़ के दौरान एएसआइ और कांस्टेबलों की वर्दियां भी फट गईं। पुलिसकर्मियों को अंदरूनी चोटें आने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सूचना मिलने पर Rajasthan Police के कोतवाली थाना और उदेई मोड़ थाना पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उसकी बोलेरो गाड़ी जब्त कर ली। वाहन को उदेई मोड़ थाने ले जाया गया, जहां आगे की कार्रवाई शुरू की गई। मामले में यातायात विभाग के एएसआइ कुशल कुमार ने आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज कराया है।

एएसआइ कुशल कुमार ने बताया कि यातायात नियमों के तहत सामान्य कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन चालक ने नियमों का पालन करने के बजाय पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और हिंसक हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।

वहीं उदेई मोड़ थाना प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि एएसआइ की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून का पालन करवाने वाले पुलिसकर्मी किस तरह दबंगई और राजनीतिक रसूख दिखाने वाले लोगों के निशाने पर आ जाते हैं। यातायात नियमों का पालन करवाने के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ बढ़ती अभद्रता और हिंसा चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कानून व्यवस्था पर इसका गलत प्रभाव पड़ सकता है।

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