राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में सामने आई तस्करी की एक घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नए नियम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों के काम को सुचारू और प्रभावी बनाना है। इन आदेशों के लागू होने के बाद आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर भी इसका असर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो बॉर्डर के नजदीक रहते हैं या वहां खेती-बाड़ी का काम करते हैं।
नए आदेशों के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा से तीन किलोमीटर के दायरे में रात के समय आम लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध शाम 7 बजे से लेकर अगली सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि इस समयावधि के दौरान कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के घर से बाहर नहीं निकलेगा। खासतौर पर वे लोग जिनके घर, खेत या अन्य गतिविधियां बॉर्डर के बेहद नजदीक स्थित हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना और सुरक्षा एजेंसियों को बिना किसी व्यवधान के अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर देना है।
इसके साथ ही प्रशासन ने रात के समय किसी भी प्रकार के शोर-शराबे और रोशनी पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया है। आदेश के अनुसार, लाउडस्पीकर, डीजे, पटाखे या अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों का उपयोग इस क्षेत्र में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा अत्यधिक तेज रोशनी का प्रयोग भी नहीं किया जा सकेगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सुरक्षा बलों की निगरानी और गश्त के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। हालांकि, यह प्रतिबंध सरकारी और आपातकालीन सेवाओं में लगे कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिससे आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
यह नियम केवल श्रीगंगानगर शहर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे जिले से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लागू किए गए हैं। इसमें श्रीगंगानगर के अलावा अनूपगढ़, घड़साना, रावला, रायसिंहनगर, पदमपुर और श्रीकरणपुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी इलाकों को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है और सीमा क्षेत्र में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए पाकिस्तानी मोबाइल सिम के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार स्थित मोबाइल टॉवरों का नेटवर्क भारतीय सीमा के अंदर कई किलोमीटर तक पहुंच जाता है, जिससे सुरक्षा के लिहाज से खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तानी सिम का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश पूरे जिले में लागू रहेगा, ताकि किसी भी तरह की संचार संबंधी गतिविधि का दुरुपयोग न हो सके।
इन सभी नियमों को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। यह प्रावधान प्रशासन को विशेष परिस्थितियों में कड़े प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि हालिया घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई खतरनाक साबित हो सकती है। तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए ऐसे सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया था। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और देश की सीमाओं को सुरक्षित बनाए रखना है।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन नियमों का पूरी तरह पालन करें और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। विशेष रूप से उन लोगों को समय का ध्यान रखने की सलाह दी गई है जो किसी कारणवश सीमा क्षेत्र में आते-जाते हैं। उन्हें शाम 7 बजे से पहले अपने घर या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा गया है, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।


