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सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

देश के सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में हल्की लेकिन महत्वपूर्ण तेजी दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। सोने के विभिन्न कैरेट के भाव में बढ़ोतरी देखने को मिली है, वहीं चांदी की कीमतों में भी उछाल आया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों के चलते यह तेजी आई है और आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आज 24 कैरेट सोने की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह प्रति ग्राम 15,131 रुपये तक पहुंच गई है। यह कीमत पिछले दिन की तुलना में करीब 213 रुपये अधिक है, जो बाजार में बढ़ती मांग और वैश्विक संकेतों का असर दर्शाती है। इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़कर 13,870 रुपये प्रति ग्राम हो गई है, जिसमें लगभग 195 रुपये की वृद्धि देखी गई है। 18 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़कर 11,348 रुपये प्रति ग्राम हो गई है, जो पिछले दिन के मुकाबले 159 रुपये अधिक है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि सोने के सभी प्रमुख श्रेणियों में एक समान तेजी का रुख बना हुआ है।

अगर प्रमुख शहरों की बात करें तो देश के विभिन्न महानगरों में सोने के भाव में मामूली अंतर के साथ समान प्रवृत्ति देखी जा रही है। राजधानी Delhi में 24 कैरेट सोना 15,144 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 13,885 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं Mumbai, Kolkata और Bengaluru जैसे शहरों में कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं। Chennai में सोने के भाव अपेक्षाकृत अधिक हैं, जहां 24 कैरेट सोना 15,328 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट 14,050 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। राजस्थान की राजधानी Jaipur और Lucknow में भी कीमतें दिल्ली के आसपास बनी हुई हैं, जो दर्शाता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर एक समान रुझान कायम है।

सोने की कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी है। हाल के दिनों में डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो गया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की मांग बढ़ती है और इसके परिणामस्वरूप कीमतों में तेजी आती है। यह एक स्थापित आर्थिक संबंध है, जो वैश्विक बाजारों में बार-बार देखने को मिलता है।

इसके अलावा, निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियों में पूरी तरह स्थिरता नहीं आई है, जिससे निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। सोना पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए ऐसे समय में इसकी मांग बढ़ जाती है।

महंगाई को लेकर बनी हुई चिंताएं भी सोने की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण हैं। जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो निवेशक अपने धन को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करते हैं। सोना ऐतिहासिक रूप से महंगाई के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच माना जाता है, जिसके कारण इसकी खरीदारी में वृद्धि होती है और कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ता है।

घरेलू स्तर पर भी मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर शादी के सीजन के चलते। भारत में पारंपरिक रूप से शादियों के दौरान सोने की खरीदारी बढ़ जाती है, जिससे बाजार में इसकी मांग में इजाफा होता है। इस अतिरिक्त मांग का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है और बाजार में तेजी का माहौल बनता है।

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आज देश में चांदी का भाव 265 रुपये प्रति ग्राम और 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। यह कीमत पिछले दिन के मुकाबले क्रमश: 10 रुपये प्रति ग्राम और 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम अधिक है। चांदी की कीमतों में यह उछाल भी वैश्विक बाजार के संकेतों और घरेलू मांग के कारण आया है।

चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा, भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो चांदी की कीमतें बढ़ जाती हैं, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें स्थिर क्यों न हों। यही कारण है कि चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता है।

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