राजस्थान के जालोर जिले से गुजरने वाले समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड पर यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे द्वारा इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर किए गए तकनीकी उन्नयन और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के बाद अब ट्रेनों की गति को बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दिया गया है। यह बदलाव रेल यात्रियों के लिए न केवल समय की बचत सुनिश्चित करेगा, बल्कि यात्रा को पहले से अधिक आरामदायक और सुरक्षित भी बनाएगा।
इस रेलखंड की कुल लंबाई 223.44 किलोमीटर है, जिसमें से पहले चरण में 94 किलोमीटर लंबे हिस्से को अपग्रेड किया गया है। इस अपग्रेड के तहत ट्रैक की गुणवत्ता में सुधार, सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण और गति प्रतिबंधों को हटाने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इस सुधार कार्य के बाद 4 मार्च 2026 को इस ट्रैक पर स्पीड ट्रायल किया गया, जिसमें ट्रेनों को 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाकर परीक्षण किया गया। परीक्षण पूरी तरह सफल रहा, जिसके बाद इस खंड को इस नई गति के लिए उपयुक्त घोषित कर दिया गया है।
गति सीमा में इस वृद्धि का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। अब इस 94 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का सफर पहले की तुलना में करीब 15 से 20 मिनट तक कम समय में पूरा हो सकेगा। यह समय की बचत खास तौर पर उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना चाहते हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह केवल पहला चरण है। दूसरे चरण में पूरे 223.44 किलोमीटर लंबे समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड को अपग्रेड किया जाएगा। जब यह कार्य पूरा हो जाएगा, तब पूरे रूट पर यात्रा समय में 40 से 50 मिनट तक की कमी आने की संभावना है। इस प्रकार यह परियोजना न केवल स्थानीय बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी रेल परिवहन को अधिक प्रभावी और तेज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अपग्रेड के दौरान आधुनिक तकनीकों का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रैक को मजबूत और टिकाऊ बनाने के साथ-साथ अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम भी स्थापित किया गया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो गई है। इसके अलावा, कई स्थानों पर लगाए गए अस्थायी और स्थायी गति प्रतिबंधों को भी हटा दिया गया है, जिससे अब ट्रेनों का संचालन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से हो सकेगा।
रेलवे के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ट्रैक की नियमित जांच और मेंटेनेंस के साथ-साथ सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। यही कारण है कि गति बढ़ाने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। बेहतर ट्रैक क्वालिटी के कारण यात्रा के दौरान झटकों में भी कमी आएगी, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा।
इस परियोजना के पूरा होने से समयपालन में भी सुधार देखने को मिलेगा। अक्सर ट्रेनों की देरी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती है, लेकिन इस अपग्रेड के बाद ट्रेनों के निर्धारित समय पर चलने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे यात्रियों का भरोसा रेलवे पर और अधिक मजबूत होगा।
रेलवे के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार से न केवल यात्रियों को लाभ मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जालोर और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मंडल रेल प्रबंधक, जोधपुर अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस रेलखंड के अंतर्गत समदड़ी से मोदरान तक गति वृद्धि लागू कर दी गई है और बाकी कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि हर स्तर पर गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भविष्य की योजनाओं पर नजर डालें तो रेलवे इस रूट को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अगले एक वर्ष के भीतर इस रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद ट्रैक की गति सीमा को बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रतिघंटा तक करने की योजना है। यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है, तो यह रेलखंड राजस्थान के प्रमुख तेज गति वाले मार्गों में शामिल हो जाएगा।


