राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी का मामला आखिरकार झूठा साबित हुआ। सोमवार सुबह मिले धमकी भरे ईमेल के बाद जयपुर स्थित विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, बम निरोधक दस्ता, एटीएस, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।
सुबह करीब 9 बजकर 9 मिनट पर विधानसभा को एक ईमेल प्राप्त हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि दोपहर 12 बजे परिसर में पांच आरडीएक्स बम विस्फोट होंगे। ईमेल में यह भी लिखा गया था कि यह कोई मजाक नहीं है और सभी वीआईपी लोगों को तुरंत बाहर निकाला जाए। धमकी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया। विधानसभा परिसर में मौजूद कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य लोगों को बाहर निकाल दिया गया। प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई और आने-जाने वालों पर रोक लगा दी गई।
घटना के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी विधानसभा पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में सुरक्षा कर्मियों से कहा कि अंदर कुत्ते बम ढूंढ रहे हैं और बाहर हम लोग छाया ढूंढ रहे हैं। उनका यह बयान मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
इसके बाद टीकाराम जूली ने राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धमकी देने वाले व्यक्ति का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जबकि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मजाक बन चुका है और पूरे प्रदेश में आए दिन धमकियों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा में समिति की बैठक निर्धारित थी, जिसमें शामिल होने के लिए वे पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें भी रोक दिया गया।
जूली ने कहा कि यह पिछले दो सप्ताह में तीसरी बार है जब राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। लगातार इस तरह की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो चुकी है और जनता भी इसको लेकर नाराज है।
धमकी मिलने के बाद पुलिस और साइबर टीमों ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए हर बार पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई की जाती है।
विधानसभा परिसर में तलाशी के दौरान बम निरोधक दस्ते ने हर हिस्से की जांच की। पार्किंग क्षेत्र, मुख्य भवन, कार्यालय कक्ष, मीटिंग हॉल और अन्य संवेदनशील स्थानों को विशेष रूप से चेक किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने स्निफर डॉग्स की मदद भी ली। जांच पूरी होने के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली तो परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। टीकाराम जूली ने प्रदेश में हाल ही में हुई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं और प्रशासन का ध्यान भटक गया है। उन्होंने भिवाड़ी में एक नाबालिग के साथ मारपीट और बांसवाड़ा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को जनता की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज प्रदेश दौरे पर हैं और ऐसे समय में विधानसभा को फिर धमकी मिलना चिंताजनक है। उनके अनुसार प्रदेश नेतृत्व को राष्ट्रीय नेताओं के सामने कानून व्यवस्था की असल स्थिति रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं से दूर होती जा रही है।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं। विधानसभा जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी प्रकार की धमकी को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया गया और सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।
राजस्थान विधानसभा को लगातार तीसरी बार धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की संभावना है। आने वाले दिनों में ईमेल मॉनिटरिंग, साइबर ट्रैकिंग और परिसर सुरक्षा को और सख्त किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।


