राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकों के दौरान राज्य से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं और जल प्रबंधन मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर यमुना जल समझौते, किशाऊ बांध परियोजना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राजस्थान में पेयजल, सिंचाई और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यमुना जल समझौते को शीघ्र लागू करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के क्रियान्वयन के लिए समयसीमा तय करने पर भी चर्चा की गई है, ताकि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को जल्द समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समझौता राजस्थान के जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
राजस्थान लंबे समय से पानी की कमी और भूजल स्तर में गिरावट जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पेयजल और सिंचाई की चुनौती लगातार बनी हुई है। ऐसे में यमुना जल समझौते को राजस्थान के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में जल उपलब्धता बेहतर होगी और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकेंगे।
बैठक के दौरान किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े जल प्रबंधन मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यह परियोजना उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ है और सभी पक्ष समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सहमत दिखाई दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किशाऊ बांध परियोजना समय पर पूरी होती है तो इससे जल संरक्षण, बिजली उत्पादन और सिंचाई क्षमता में बड़ा सुधार हो सकता है।
नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी Regional Rapid Transit System परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि आरआरटीएस परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और निवेश को भी नई दिशा देगी। उनका कहना है कि इस परियोजना से राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार राजस्थान को सुरक्षित, समृद्ध और आधुनिक राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जल परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की हो। इससे पहले 10 मई को भी उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की थी। उस दौरान राजस्थान में चल रही विभिन्न पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं पर विस्तार से बातचीत हुई थी। मुख्यमंत्री ने उस बैठक के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा था कि जल जीवन मिशन, राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है।
राज्य सरकार का कहना है कि राजस्थान में “हर घर जल” योजना को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार मिलकर जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान जैसे शुष्क राज्य के लिए जल प्रबंधन केवल विकास का मुद्दा नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकता भी है। जल संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही आरआरटीएस जैसी आधुनिक परिवहन परियोजनाएं राज्य में औद्योगिक विकास और शहरी विस्तार को भी गति देंगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी मुख्यमंत्री की यह दिल्ली यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेज काम को भाजपा सरकार अपनी प्राथमिकता के रूप में पेश कर रही है। राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान में जल, परिवहन और शहरी विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
फिलहाल यमुना जल समझौते और आरआरटीएस परियोजना को लेकर हुई बैठकों को राजस्थान के विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यदि तय समयसीमा के भीतर इन परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ता है तो इसका लाभ प्रदेश के करोड़ों लोगों तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भरोसा जताया है कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को जल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई मजबूती मिलेगी।


