latest-newsअजमेरराजनीतिराजस्थान

पीयूष सुराणा विवाद: महिला कांग्रेस का विरोध तेज, कार्रवाई की मांग

पीयूष सुराणा विवाद: महिला कांग्रेस का विरोध तेज, कार्रवाई की मांग

राजस्थान के अजमेर में कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा  द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। इस मामले में अब कांग्रेस का महिला मोर्चा भी खुलकर मैदान में उतर आया है और भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया गया है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला अब कानून-व्यवस्था और महिला सम्मान जैसे गंभीर मुद्दों से भी जुड़ता जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम के तहत महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद महिला नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष लक्ष्मी बुन्देल के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

महिला कांग्रेस की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया कि कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा द्वारा दिल्ली की मुख्यमंत्री को लेकर की गई अभद्र और अश्लील टिप्पणी के मामले में पुलिस ने पहले ही मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। हालांकि, इस पूरे मामले के दौरान पुलिस कस्टडी में जो घटनाएं हुईं, उन्हें लेकर अब सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भारती श्रीवास्तव अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचीं और वहां सुराणा के साथ दुर्व्यवहार किया।

महिला कांग्रेस का आरोप है कि इस दौरान राजकार्य में बाधा डाली गई और पुलिस की मौजूदगी में ही सुराणा पर स्याही फेंकी गई, उनके साथ मारपीट की गई और गाली-गलौच की गई। यह घटनाएं कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं और इस बात को दर्शाती हैं कि राजनीतिक दबाव में कुछ लोगों को खुली छूट दी जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस मामले में मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

इसके अलावा महिला कांग्रेस ने भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी  पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुराणा की पोस्ट को री-पोस्ट करने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार अपने नेताओं को बचाने का प्रयास कर रही है और पुलिस पर भी दबाव बनाया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है।

इस विवाद की शुरुआत 30 अप्रैल को हुई थी, जब भाजपा मीडिया संयोजक विक्रम सिंह ने गंज थाने में पीयूष सुराणा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उसी दिन पुलिस ने सुराणा को हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान ही भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भारती श्रीवास्तव थाने पहुंचीं और इसी दौरान एक महिला द्वारा सुराणा पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई। यह घटना तुरंत ही चर्चा का विषय बन गई और राजनीतिक माहौल गरमा गया।

इसके बाद उसी रात सुराणा के भाई श्रेयांस सुराणा ने गंज थाने में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष और अन्य महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके भाई के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद मामला और उलझता चला गया और दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने लगे।

चार मई को इस विवाद ने एक और मोड़ लिया, जब सुराणा के परिजनों और समर्थकों ने अजमेर एसपी कार्यालय पहुंचकर भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को फैलाने में उनकी भी भूमिका है, इसलिए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

वर्तमान में यह मामला केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि आम जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पूरे मामले में किस तरह की कार्रवाई करता है।

महिला कांग्रेस का कहना है कि अगर जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगी। उनका मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह महिला सम्मान और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading