शोभना शर्मा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से उभरते भारत को देखते हुए OpenAI ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह इस वर्ष के अंत तक नई दिल्ली में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलेगी। यह निर्णय भारत में एआई टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल और सरकार के इंडियाएआई मिशन के समर्थन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। OpenAI ने कहा कि भारत में कार्यालय खोलना सिर्फ भौतिक उपस्थिति दर्ज कराना नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि कंपनी अब भारत के लिए और भारत के साथ मिलकर एआई समाधान तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत में एआई को लेकर बढ़ते अवसर
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में एआई को लेकर उत्साह और अवसर दोनों ही अविश्वसनीय स्तर पर हैं। भारत में अद्भुत तकनीकी प्रतिभा, विश्वस्तरीय डेवलपर इकोसिस्टम और सरकार की ओर से मिल रहा मजबूत समर्थन देश को वैश्विक एआई लीडर बनाने की क्षमता रखते हैं। ऑल्टमैन ने कहा, “अपना पहला कार्यालय खोलना और एक स्थानीय टीम का गठन करना, देश भर में एडवांस एआई को सुलभ बनाने और भारत के लिए, भारत के साथ मिलकर एआई तैयार करने की हमारी प्रतिबद्धता का पहला कदम है।”
भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार
आज भारत चैटजीपीटी और OpenAI टूल्स का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा यूजर्स भारत में हैं। बीते एक साल में भारत में चैटजीपीटी के साप्ताहिक सक्रिय यूजर्स की संख्या चार गुना बढ़ी है। भारत में छात्र, शिक्षक, पेशेवर और डेवलपर बड़ी संख्या में चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासतौर पर छात्रों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है। यही वजह है कि ओपनएआई भारत को भविष्य का सबसे बड़ा एआई हब मान रहा है।
सरकार का दृष्टिकोण और स्वागत
भारत सरकार ने भी ओपनएआई के फैसले का स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह निर्णय भारत में डिजिटल इनोवेशन और एआई को अपनाने के बढ़ते नेतृत्व का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “भारत एआई मिशन के तहत हम एक समावेशी और विश्वसनीय एआई इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। एआई के लाभ हर नागरिक तक पहुँचें, इस लक्ष्य को आगे बढ़ाने में OpenAI की साझेदारी अहम होगी।”
एडवांस एआई टूल्स की बढ़ती मांग
भारत में पहले से ही लाखों व्यवसाय और संस्थान ओपनएआई के टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये टूल्स कृषि सेवाओं को एआई आधारित समाधान देने, भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने, प्रशासनिक सेवाओं को सुव्यवस्थित करने और शिक्षा में नवाचार लाने जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय टीम के आने से ओपनएआई इन टूल्स को भारत के अनुसार और ज्यादा उपयोगी व किफायती बना सकेगा।
स्थानीय टीम और भर्ती की शुरुआत
हालांकि नई दिल्ली में OpenAI कार्यालय का सटीक स्थान अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन कंपनी ने आधिकारिक रूप से भारत में एक इकाई स्थापित कर दी है। साथ ही, स्थानीय टीम की नियुक्ति शुरू कर दी गई है। यह टीम स्थानीय भागीदारों, सरकार, डेवलपर्स, शैक्षणिक संस्थानों और व्यवसायों से संबंध मजबूत करेगी। इसके अलावा, यह टीम भारतीय यूजर्स और ग्राहकों की जरूरतों को समझकर उनके लिए विशेष सुविधाएं और उपकरण तैयार करेगी।
भारत में आयोजित होंगे विशेष इवेंट
OpenAI ने घोषणा की है कि इस महीने भारत में उसका पहला एजुकेशन समिट आयोजित होगा। इस समिट में छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को एआई के इस्तेमाल और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी इस साल के अंत तक भारत में अपना पहला डेवलपर डे भी आयोजित करेगी। इसमें देश भर के डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और उद्यमियों का समुदाय शामिल होगा, जो एआई आधारित भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारत में क्यों जरूरी है OpenAI की मौजूदगी
भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और यहां छात्रों और युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। यह वर्ग तकनीक और एआई को अपनाने में सबसे आगे है।
भारत में डेवलपर्स का बड़ा नेटवर्क है, जो ओपनएआई को वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।
शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान की भारी मांग है।
सरकार का इंडियाएआई मिशन पहले से ही मजबूत समर्थन और सहयोग प्रदान कर रहा है।
इन कारणों से भारत को एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व का दावेदार माना जा रहा है।
भारत-OpenAI साझेदारी से होने वाले फायदे
OpenAI के भारत में आने से कई फायदे होंगे।
छात्रों और शिक्षकों को लाभ – एआई आधारित टूल्स से पढ़ाई और शोध के नए अवसर खुलेंगे।
डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को समर्थन – ओपनएआई की लोकल टीम भारतीय स्टार्टअप्स को मजबूत बनाएगी।
व्यवसायों को बढ़ावा – भर्ती, प्रबंधन और उत्पादन में एआई आधारित समाधान अपनाना आसान होगा।
सरकारी नीतियों को सहयोग – डिजिटल गवर्नेंस और पब्लिक सर्विस डिलीवरी में एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा।


