latest-newsराजस्थान

उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए अब हर साल जरूरी होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन

उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए अब हर साल जरूरी होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब देशभर में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर साल कम से कम एक बार आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा। यदि कोई उपभोक्ता तय समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसे गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी से वंचित होना पड़ सकता है। इस नए नियम का असर राजस्थान समेत पूरे देश के लाखों परिवारों पर पड़ेगा, जो उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी गैस सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से इस संबंध में तेल कंपनियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की पहचान और रिकॉर्ड को अपडेट रखने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया जाए। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी कनेक्शन, मृत व्यक्तियों के नाम पर चल रहे गैस कनेक्शन और गलत तरीके से सब्सिडी लेने वाले मामलों पर रोक लगाई जा सकेगी।

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई लाभार्थी साल में सात गैस रिफिल ले चुका है और आठवीं रिफिल बुक करता है, तो उससे पहले उसे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाना होगा। यदि उपभोक्ता यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसे गैस सिलेंडर तो मिल सकता है, लेकिन उस पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि रोक दी जाएगी। यानी उपभोक्ता को बाजार कीमत पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी केवल वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे।

राजस्थान की बात करें तो यहां करीब 73 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के माध्यम से इन उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन और सब्सिडी सुविधा दी जा रही है। केंद्र सरकार उज्ज्वला योजना के तहत पात्र परिवारों को साल में नौ सिलेंडर तक सब्सिडी उपलब्ध करवाती है। ऐसे में यदि उपभोक्ताओं ने समय पर आधार आधारित केवाईसी नहीं करवाई तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मंत्रालय ने उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष समय सीमा भी तय की है, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद अब तक एक बार भी आधार आधारित बायोमेट्रिक केवाईसी नहीं करवाई है। ऐसे उपभोक्ताओं को 30 जून तक हर हाल में वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो जून के बाद उनकी सब्सिडी रोक दी जाएगी। तेल कंपनियों ने भी अपने स्तर पर उपभोक्ताओं को मोबाइल संदेश, कॉल और एजेंसियों के माध्यम से सूचना देना शुरू कर दिया है।

सरकार का कहना है कि लंबे समय से कई गैस कनेक्शन ऐसे लोगों के नाम पर चल रहे हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो अपने पुराने पते से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं। कई मामलों में परिवार के सदस्य पुराने कनेक्शन का उपयोग जारी रखे हुए हैं, जबकि रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है। इससे सरकारी सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शिता प्रभावित होती है और वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में दिक्कत आती है। इसी कारण सरकार अब एक नया और सटीक डेटा तैयार करना चाहती है।

आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि गैस कनेक्शन उसी व्यक्ति के नाम पर सक्रिय रहे, जो वास्तव में उसका उपयोग कर रहा है। इससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और सरकारी खर्च में भी पारदर्शिता आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भविष्य में सब्सिडी वितरण प्रणाली को और अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

गैस एजेंसियों पर भी इन दिनों बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उपभोक्ताओं को आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ एजेंसी पर जाकर फिंगरप्रिंट या अन्य बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कई जगहों पर मोबाइल वैन और विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोग आसानी से केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकें।

उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी सामाजिक योजनाओं में से एक मानी जाती है। इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों, खासकर महिलाओं को धुएं से मुक्त रसोई उपलब्ध करवाना था। इस योजना से करोड़ों परिवारों को लाभ मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस का उपयोग तेजी से बढ़ा है। अब सरकार इस योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर जोर दे रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेना चाहिए और समय रहते अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा कर लेना चाहिए। इससे न केवल उनकी सब्सिडी जारी रहेगी बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी परेशानी से भी बचा जा सकेगा।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading