latest-newsदेश

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान टकराए, बड़ा हादसा टला

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान टकराए, बड़ा हादसा टला

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ( IGI एयरपोर्ट) पर गुरुवार दोपहर एक गंभीर विमान हादसा होते-होते टल गया, जब स्पाइसजेट और अकासा एयर के दो विमान आपस में टकरा गए। यह घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई, जिसने एयरपोर्ट प्रशासन, एयरलाइंस कंपनियों और यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए हलचल पैदा कर दी। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं आई और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद दोनों विमानों को तत्काल उड़ान संचालन से अलग कर दिया गया है और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार अकासा एयर का विमान दिल्ली से हैदराबाद के लिए उड़ान भरने की तैयारी में पार्किंग एरिया में खड़ा था। विमान में यात्री सवार थे और फ्लाइट के रवाना होने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान लेह से दिल्ली पहुंचा स्पाइसजेट का विमान टैक्सी करते हुए अकासा एयर के विमान के काफी नजदीक पहुंच गया और अचानक दोनों विमानों के बीच टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि स्पाइसजेट विमान के दाहिने पंख का हिस्सा अकासा एयर के विमान के बाएं हिस्से के पिछले पंख से जा टकराया। टक्कर के कारण दोनों विमानों के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा।

घटना होते ही एयरपोर्ट स्टाफ, ग्राउंड हैंडलिंग टीम और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। सबसे पहले दोनों विमानों में बैठे यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल तक पहुंचाया गया और उन्हें आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए किसी भी तरह की अफरा-तफरी नहीं होने दी।

अकासा एयरलाइंस के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उनकी दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट पार्किंग क्षेत्र में खड़ी थी, तभी दूसरे विमान ने उसे टक्कर मार दी। कंपनी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी यात्रियों को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे विमान या वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की जा रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि विमान की तकनीकी जांच पूरी होने तक उसे सेवा में शामिल नहीं किया जाएगा।

स्पाइसजेट की ओर से भी मामले पर आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी गई है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट पर विमान संचालन के दौरान टैक्सींग, पार्किंग और ग्राउंड मूवमेंट सबसे संवेदनशील प्रक्रियाओं में से एक होती हैं। ऐसे मामलों में पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, ग्राउंड स्टाफ और मार्शलिंग टीम के बीच सटीक समन्वय बेहद जरूरी होता है। मामूली चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

घटना के बाद दोनों विमानों को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही खड़ा कर दिया गया है। इन्हें अगली उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। विमानन नियामक एजेंसियां और तकनीकी टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह टक्कर कैसे हुई। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या टैक्सी रूट क्लियरेंस में कोई गलती हुई, क्या ग्राउंड गाइडेंस में कमी रही या फिर संचालन के दौरान मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ।

हाल के महीनों में देश में विमान सेवाओं से जुड़ी कई तकनीकी घटनाएं सामने आई हैं। मार्च 2026 में विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी, जब विमान का एक इंजन काम करना बंद कर गया था। उस फ्लाइट में करीब 160 यात्री सवार थे। सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की गई थी।

जनवरी 2026 में लखनऊ से सऊदी अरब जा रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण वापस उतारना पड़ा था। विमान में 275 यात्री सवार थे। बताया गया था कि उड़ान के दौरान केबिन प्रेशर में दिक्कत आने लगी, जिसके कारण कुछ यात्रियों को सांस लेने में परेशानी हुई। इसके बाद विमान को सुरक्षित उतारा गया।

इसी तरह दिसंबर 2025 में दिल्ली से मुंबई जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट को उड़ान भरने के कुछ समय बाद वापस लौटना पड़ा था। विमान के एक इंजन में खराबी आने के कारण पायलट ने सावधानी बरतते हुए इमरजेंसी लैंडिंग कराई थी। हालांकि विमान दो इंजनों वाला था और दूसरे इंजन की मदद से सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी।

दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई ताजा घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट ग्राउंड सेफ्टी और विमान संचालन प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने और विमानों की आवाजाही तेज होने के बीच सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े एयरपोर्ट्स पर हर मिनट कई विमान उतरते और उड़ान भरते हैं, इसलिए किसी भी स्तर की लापरवाही भारी पड़ सकती है।

फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए इस टकराव में कोई जनहानि नहीं हुई। समय रहते यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे स्पष्ट होगा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कारण क्या थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading