राजस्थान के कोटा में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। तेज गर्मी के कारण स्कूली बच्चों को राहत देने के उद्देश्य से स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिला कलेक्टर Piyush Samariya द्वारा जारी आदेश के अनुसार 24 अप्रैल से कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक किया जाएगा। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
जिला प्रशासन का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कोटा में तापमान लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवाओं का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को शहर में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में यह तेजी से बढ़ोतरी बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
India Meteorological Department ने जिले के लिए भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा 25 अप्रैल से गर्म हवा चलने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने समय रहते स्कूलों के समय में बदलाव कर एहतियाती कदम उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि दोपहर के समय गर्मी अधिक रहती है, इसलिए सुबह स्कूल संचालन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार यह बदलाव केवल विद्यार्थियों पर लागू होगा। यानी छात्र-छात्राएं नए समयानुसार स्कूल आएंगे, जबकि शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ के कार्य समय में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्टाफ पहले की तरह अपने निर्धारित समय पर कार्य करेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था इस प्रकार बनाई जाए कि विद्यार्थियों को गर्मी से कम से कम परेशानी हो।
इसके साथ ही सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि स्कूल परिसर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होना जरूरी है ताकि विद्यार्थियों को डिहाइड्रेशन या गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करना पड़े। गर्म मौसम में बच्चों को बार-बार पानी पीने की सलाह दी गई है और स्कूल प्रबंधन को इस दिशा में गंभीरता बरतने के लिए कहा गया है।
जिला प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि आदेश की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई संस्थान तय समय का पालन नहीं करता या विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ Disaster Management Act 2005 के तहत नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन इस आदेश को केवल सलाह नहीं, बल्कि सख्त निर्देश के रूप में लागू करना चाहता है।
कोटा में पिछले एक सप्ताह से गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। सुबह के समय भी तापमान सामान्य से अधिक महसूस किया जा रहा है और सुबह 9 बजे के बाद धूप के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं। दोपहर तक सड़कें सूनी पड़ जाती हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग सिर ढककर, छाता लेकर या पानी की बोतल साथ लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं।
बुधवार को भी शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि अगले ही दिन यह 43 डिग्री तक पहुंच गया। लगातार बढ़ते तापमान ने यह संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई के शुरुआती दिनों में राजस्थान के कई जिलों में गर्मी का प्रभाव और बढ़ सकता है।
कोटा शिक्षा का बड़ा केंद्र माना जाता है, जहां स्कूलों के अलावा कोचिंग संस्थानों में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। ऐसे में मौसम की स्थिति का असर बड़ी संख्या में छात्रों पर पड़ता है। स्कूल समय में बदलाव से अभिभावकों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि छोटे बच्चों को दोपहर की तेज धूप में घर लौटने से बचाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों में थकान, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और हीट एक्सॉशन जैसी समस्याएं जल्दी हो सकती हैं। इसलिए स्कूल समय को सुबह करना व्यावहारिक निर्णय माना जा रहा है। इससे विद्यार्थी अपेक्षाकृत ठंडे समय में पढ़ाई कर सकेंगे और दोपहर की खतरनाक गर्मी से बचेंगे।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। जिन लोगों को बाहर कार्य करना जरूरी है, उन्हें हल्के कपड़े पहनने, सिर ढकने और छांव में रुक-रुक कर काम करने की सलाह दी जा रही है।


