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इंडियन ऑयल डीलरशिप के नाम पर फर्जीवाड़ा, कंपनी ने दी चेतावनी

इंडियन ऑयल डीलरशिप के नाम पर फर्जीवाड़ा, कंपनी ने दी चेतावनी

शोभना शर्मा।  देश में पेट्रोलियम और ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडियन ऑयल (IndianOil) के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा तेजी से फैल रहा है। सोशल मीडिया, ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को नकली डीलरशिप ऑफर भेजे जा रहे हैं। इन ऑफर्स में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है।

कैसे दिया जा रहा है धोखा?

फर्जीवाड़ा करने वाले लोग खुद को इंडियन ऑयल का अधिकारी बताकर नकली लेटरहेड और ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ऑफर्स में लिखा होता है कि-

  • घरेलू सिलेंडर पर मुनाफा: ₹150-180

  • कमर्शियल सिलेंडर पर मुनाफा: ₹200-250

  • गैस एक्सेसरीज पर मार्जिन: 45%

  • डिलीवरी कॉस्ट: ₹8 प्रति किलोमीटर

इसके अलावा, संदेश में यह भी कहा जाता है कि यदि आवेदक 3 दिन के भीतर डॉक्यूमेंट जमा करा दें, तो “स्मूथ ऑनबोर्डिंग प्रोसेस” पूरा हो जाएगा। इस जल्दबाजी के जरिए ठग लोगों को बिना सोचे-समझे जाल में फंसा लेते हैं।

इंडियन ऑयल की सख्त चेतावनी

कंपनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह कभी भी निजी ईमेल, फोन नंबर या सोशल मीडिया मैसेज के जरिए डीलरशिप ऑफर नहीं भेजती। असली डीलरशिप के लिए केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत चैनलों से ही आवेदन किया जा सकता है।

इंडियन ऑयल ने बताया कि फर्जी वेबसाइट जैसे https://indianoilcorporations.in का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। जबकि कंपनी की असली वेबसाइट केवल www.iocl.com है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या संदेश को तुरंत पुलिस और साइबर सेल को रिपोर्ट करें।

लोगों को क्यों बनाते हैं निशाना?

एलपीजी डीलरशिप को भारत में हमेशा से एक आकर्षक व्यवसायिक अवसर माना जाता है। यही कारण है कि कई लोग बिना जांच-पड़ताल किए ऐसे ऑफर्स पर भरोसा कर लेते हैं। जल्दी मुनाफा कमाने की चाह में लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं और हजारों-लाखों रुपये गवां बैठते हैं।

कैसे पहचानें कि ऑफर फर्जी है?

फर्जी ऑफर्स को पहचानना मुश्किल नहीं है। कुछ सामान्य संकेत हैं, जिन्हें देखकर आप तुरंत धोखाधड़ी को पकड़ सकते हैं:

  1. ईमेल या मैसेज में कंपनी का नाम गलत लिखा हो

  2. मुनाफे की रकम असामान्य रूप से ज्यादा दिखाई जाए।

  3. डॉक्युमेंट भेजने की जल्दबाजी कराई जाए

  4. संपर्क करने के लिए निजी नंबर या जीमेल/याहू आईडी दी गई हो।

  5. वेबसाइट का डोमेन नाम असली से मिलता-जुलता लेकिन वास्तव में नकली हो।

असली डीलरशिप कहां से मिलेगी?

जो लोग वास्तव में इंडियन ऑयल डीलरशिप लेना चाहते हैं, उन्हें केवल आधिकारिक पोर्टल के जरिए ही आवेदन करना चाहिए।

  • असली वेबसाइट: www.iocl.com

  • नकली वेबसाइट: indianoilcorporations.in

इसलिए यदि कोई आपको इंडियन ऑयल डीलरशिप देने का दावा करता है, तो उसकी पुष्टि हमेशा आधिकारिक पोर्टल से ही करें।

साइबर क्राइम से कैसे बचें?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर आप साइबर अपराधियों से सुरक्षित रह सकते हैं:

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी या डॉक्युमेंट साझा न करें

  • इंडियन ऑयल के नाम से आए हर ऑफर की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से करें।

  • किसी भी संदिग्ध ऑफर की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

ठगी रोकने में नागरिकों की भूमिका

इंडियन ऑयल ने जनता से अपील की है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी की जानकारी फैलाकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। ठग तभी सफल होते हैं जब लोग अज्ञानता या लालच में आकर उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं। यदि लोग सतर्क रहें और हर जानकारी की जांच करें, तो इस तरह के साइबर अपराधों को रोका जा सकता है।

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