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जयपुर बुक फेस्टिवल में साहित्य प्रेमियों की उमड़ी भीड़

जयपुर बुक फेस्टिवल में साहित्य प्रेमियों की उमड़ी भीड़

जवाहर कला केन्द्र में आयोजित हो रहा जयपुर बुक फेस्टिवल  इन दिनों साहित्य प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कला, साहित्य और ज्ञान के इस महोत्सव में देश-विदेश के चर्चित लेखकों और साहित्यकारों की एक लाख से अधिक पुस्तकों का विशाल संग्रह प्रदर्शित किया गया है। किताबों की विविधता और साहित्यिक माहौल ने इस आयोजन को पाठकों, विद्यार्थियों, युवाओं और परिवारों के लिए एक पसंदीदा जगह बना दिया है।

फेस्टिवल में हर आयु वर्ग और हर रुचि के पाठकों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग सेक्शन तैयार किए गए हैं। यहां क्लासिक साहित्य से लेकर आधुनिक लेखन, मोटिवेशनल किताबों से लेकर बच्चों की क्रिएटिव स्टोरी बुक्स और युवाओं के लिए प्रेरणादायक साहित्य तक सब कुछ उपलब्ध है। आयोजन स्थल पर सुबह से शाम तक पुस्तक प्रेमियों की भीड़ देखने को मिल रही है। लोग अपनी पसंदीदा किताबों को खोजते, पढ़ते और खरीदते नजर आ रहे हैं।

इस बार फेस्टिवल में हिंदी साहित्य को विशेष महत्व दिया गया है। हिंदी साहित्य के लिए अलग से बनाए गए सेक्शन में महान साहित्यकारों की चर्चित रचनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। यहां प्रेमचंद, हरिवंश राय बच्चन, महादेवी वर्मा, रामधारी सिंह दिनकर, धर्मवीर भारती, निर्मल वर्मा और गुलजार जैसे दिग्गज साहित्यकारों की चर्चित पुस्तकों को पाठकों के लिए सजाया गया है। हिंदी साहित्य में बढ़ती रुचि को देखते हुए आयोजकों ने इस बार हिंदी पुस्तकों का संग्रह पहले से कहीं अधिक विस्तृत रखा है।

युवा पाठकों के बीच समकालीन लेखकों की किताबों की भी अच्छी मांग देखने को मिल रही है। चेतन भगत, सुधा मूर्ति अमीश त्रिपाठी, दुर्जोय दत्ता और रविंदर सिंह  की किताबें युवाओं को खास तौर पर आकर्षित कर रही हैं। करियर, रिश्तों, आत्मविश्वास और जीवन के संघर्षों पर आधारित इन लेखकों की रचनाएं नई पीढ़ी के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं।

फेस्टिवल में भारतीय साहित्य के साथ-साथ दुनियाभर के प्रसिद्ध लेखकों की बेस्टसेलर किताबों का भी बड़ा संग्रह मौजूद है। यहां पाउलो कोएल्हो की द अल्केमिस्ट, रॉबिन शर्मा की द मॉन्क हू सोल्ड हिज फेरारी, जेम्स क्लियर की एटॉमिक हैबिट्स, नेपोलियन हिल की थिंक एंड ग्रो रिच, जॉर्ज ऑरवेल की 1984, जे.के. रोलिंग की हैरी पॉटर सीरीज और डेल कार्नेगी की हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल जैसी विश्व प्रसिद्ध किताबें पाठकों का ध्यान खींच रही हैं। वर्षों से बेस्टसेलर बनी हुई ये किताबें आज भी युवाओं और पुस्तक प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई हैं।

फेस्टिवल के आयोजक अशोक कुमार ने बताया कि इस बार बच्चों के लिए विशेष रूप से अलग सेक्शन तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समर वेकेशन शुरू होने वाले हैं, ऐसे में बच्चों को रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में क्रिएटिव और इंस्पिरेशनल किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चों के लिए माइंड डेवलपमेंट, साइंस एक्टिविटी, पौराणिक कथाएं, स्टोरी बुक्स, आर्ट एंड क्राफ्ट और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट से जुड़ी पुस्तकों का विशेष संग्रह यहां मौजूद है।

अभिभावक भी बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन टाइम से दूर रखने के लिए किताबों में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। कई परिवार अपने बच्चों के साथ फेस्टिवल में पहुंच रहे हैं और उन्हें किताबें पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आयोजन में बच्चों के उत्साह और अभिभावकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि डिजिटल दौर में भी पुस्तकों के प्रति लोगों का लगाव अब भी मजबूत बना हुआ है।

फेस्टिवल में केवल किताबों की बिक्री ही नहीं हो रही, बल्कि साहित्यिक संवाद और रीडिंग कल्चर को बढ़ावा देने का माहौल भी देखने को मिल रहा है। यहां आने वाले लोग केवल किताबें खरीदने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साहित्य, लेखन और पढ़ने की आदतों पर चर्चा करते भी नजर आ रहे हैं। आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ना और पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करना है।

युवाओं के लिए करियर, स्टार्टअप, बिजनेस, सेल्फ हेल्प, फाइनेंस और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट से जुड़ी एक्सक्लूसिव किताबों का अलग सेक्शन भी तैयार किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी बड़ी संख्या में शैक्षणिक और संदर्भ पुस्तकें उपलब्ध हैं। इससे छात्रों को एक ही स्थान पर अपनी जरूरत की विभिन्न किताबें आसानी से मिल रही हैं।

जयपुर बुक फेस्टिवल अब केवल एक पुस्तक प्रदर्शनी नहीं रह गया है, बल्कि यह साहित्य, ज्ञान और संस्कृति का ऐसा मंच बन चुका है जहां हर वर्ग का पाठक अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार किताबों की दुनिया से जुड़ सकता है। बदलते समय में जब डिजिटल कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह लोगों को पुस्तकों की वास्तविक दुनिया से जोड़ने का काम करते हैं। साहित्य प्रेमियों के लिए यह फेस्टिवल न केवल नई किताबों की खोज का अवसर है, बल्कि पढ़ने की आदत को फिर से जीवित करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।

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