मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब भारत के कई राज्यों में दिखाई देने लगा है। खासतौर पर राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े इलाकों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अलग ही स्थिति देखने को मिल रही है। जहां एक ओर पेट्रोल और डीजल की संभावित किल्लत तथा बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे हैं। भरतपुर जिले से लगे यूपी बॉर्डर के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि राजस्थान के कई पेट्रोल पंप अपेक्षाकृत सूने नजर आ रहे हैं।
राजस्थान के भरतपुर से बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि लोग केवल बाइक और कारों में ही ईंधन नहीं भरवा रहे, बल्कि कई लोग ड्रम और अन्य कंटेनरों में भी पेट्रोल-डीजल का स्टोरेज कर रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बने हालात और लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए भविष्य में और महंगाई बढ़ने की आशंका है, इसलिए वे पहले से ही अतिरिक्त ईंधन जमा कर रहे हैं।
दरअसल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में वैट की दरों में अंतर होने के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा फर्क देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल राजस्थान के मुकाबले लगभग 10 रुपए प्रति लीटर तक सस्ता बताया जा रहा है, जबकि डीजल की कीमत में भी 3 से 4 रुपए प्रति लीटर का अंतर है। यही वजह है कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लोग कम कीमत का लाभ लेने के लिए यूपी के पेट्रोल पंपों तक पहुंच रहे हैं।
इस मूल्य अंतर का सबसे ज्यादा असर राजस्थान के पेट्रोल पंप संचालकों पर दिखाई दे रहा है। स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में उनकी बिक्री में काफी गिरावट आई है। आमतौर पर जिन पंपों पर दिनभर भीड़ रहती थी, वहां अब ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। संचालकों का कहना है कि ग्राहक सस्ते ईंधन के लिए सीमा पार जाकर पेट्रोल भरवा रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के मैनेजर सनी लानवानी ने बताया कि कीमतों में अंतर बढ़ने के बाद ग्राहकों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर पहले भी राजस्थान से लोग आते थे, लेकिन अब यह संख्या काफी बढ़ गई है। उनके अनुसार जैसे-जैसे ईंधन की कीमतों को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे लोग ज्यादा मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदने लगे हैं।
भरतपुर के कई वाहन चालकों का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में थोड़ा सा अंतर भी उनके बजट पर बड़ा असर डालता है। ऐसे में यदि कुछ किलोमीटर दूर जाकर प्रति लीटर 8 से 10 रुपए की बचत हो रही है तो लोग वहां जाना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका है, जिसका असर आने वाले दिनों में भारत में भी दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर भारत के ईंधन बाजार पर पड़ता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। यदि वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। यही कारण है कि लोग पहले से ही अतिरिक्त ईंधन खरीदकर सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से फिलहाल किसी प्रकार की कमी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती भीड़ ने चिंता जरूर बढ़ा दी है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो राजस्थान के सीमावर्ती पंपों की बिक्री पर गंभीर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर यूपी के बॉर्डर पंपों पर लगातार बढ़ती भीड़ के कारण वहां अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों में अलग-अलग टैक्स दरों के कारण ईंधन की कीमतों में बड़ा अंतर पैदा होता है। यही कारण है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग सस्ते राज्य से ईंधन खरीदने को प्राथमिकता देते हैं। यह स्थिति केवल राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी समय-समय पर देखने को मिलती रही है।
फिलहाल भरतपुर और आसपास के इलाकों में लोग बढ़ती कीमतों और संभावित संकट को देखते हुए सतर्क नजर आ रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें इस बात का संकेत हैं कि आम जनता ईंधन की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चिंतित है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और सरकारी नीतियां तय करेंगी कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे क्या बदलाव देखने को मिलेगा।


