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मदन दिलावर के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, विवाद गहराया

मदन दिलावर के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, विवाद गहराया

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा एक अभिनंदन समारोह के दौरान दिए गए बयान “कांग्रेस महिलाओं से चिढ़ती है” को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे तथ्यहीन, भ्रामक तथा जनता को गुमराह करने वाला बताया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राखी गौतम ने मंत्री के बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से दिया गया बयान है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

राखी गौतम ने कहा कि शिक्षा मंत्री का यह बयान हास्यास्पद है और पूरी तरह तथ्यों से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदन दिलावर लगातार ऐसे भाषण दे रहे हैं जिनका मकसद जनता को भ्रमित करना और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाना है। उनके अनुसार कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और सशक्तिकरण से जुड़ा रहा है, इसलिए इस प्रकार का आरोप लगाना न केवल गलत है बल्कि राजनीतिक स्तर पर दुर्भाग्यपूर्ण भी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को नेतृत्व के केंद्र में रखा है और समय-समय पर महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। राखी गौतम के अनुसार यदि देश में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने की बात की जाए तो कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना इसका बड़ा उदाहरण है, जिसने ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम दिया।

राखी गौतम ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर भाजपा केवल बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में महिला नेताओं को उचित सम्मान और राजनीतिक अवसर नहीं मिलते। जिस पार्टी में महिला नेतृत्व लगातार कमजोर होता दिखाई दे रहा हो, उसी पार्टी के मंत्री द्वारा कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाना विडंबना है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को पहले अपने संगठन और सरकार में महिलाओं की स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि भाजपा में कई प्रमुख महिला नेताओं की राजनीतिक भूमिका क्यों सीमित होती गई। उन्होंने वसुंधरा राजे और स्मृति ईरानी जैसी नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देती है तो फिर इन नेताओं की राजनीतिक स्थिति कमजोर क्यों हुई।

मदन दिलावर द्वारा कांग्रेस को दलित और महिला विरोधी बताने वाले बयान पर भी राखी गौतम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र सहित राजस्थान के कई हिस्सों में कांग्रेस ने महिला विधायकों को अवसर दिया है और महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तर पर भी कांग्रेस संगठन ने महिलाओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिनमें दलित वर्ग की महिलाएं भी शामिल रही हैं। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सामाजिक न्याय और महिला भागीदारी के प्रति गंभीर रही है।

राखी गौतम ने कहा कि कांग्रेस ने देश को इंदिरा गांधी जैसी मजबूत महिला प्रधानमंत्री दी, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत की। इसके बाद सोनिया गांधी ने लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व किया और वर्तमान समय में प्रियंका गांधी जैसी महिला नेता सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में स्थान दिया है, जबकि भाजपा महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से आगे रखती है।

महिला आरक्षण बिल को लेकर भी कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। राखी गौतम ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा केवल श्रेय लेने की राजनीति करती है, जबकि इसके क्रियान्वयन को परिसीमन जैसे कारणों के नाम पर आगे टाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना चाहती है तो इसे तुरंत लागू करना चाहिए था।

कांग्रेस नेता ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध गंभीर चिंता का विषय हैं, लेकिन भाजपा इस पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। उनके अनुसार महिला सुरक्षा, सम्मान और न्याय केवल भाषणों से सुनिश्चित नहीं होते, बल्कि इसके लिए ठोस नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।

राखी गौतम ने कहा कि महिलाओं के प्रति वास्तविक उदासीनता भाजपा में दिखाई देती है, जहां महिला आरक्षण को लागू करने में देरी हो रही है, महिला नेताओं को पर्याप्त स्थान नहीं मिल रहा और महिला अपराधों पर अक्सर राजनीतिक चुप्पी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाना केवल राजनीतिक बयानबाजी है।

इस पूरे विवाद ने राजस्थान की राजनीति में नया बहस छेड़ दिया है। एक ओर भाजपा कांग्रेस पर महिला विरोधी राजनीति का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा पर महिला मुद्दों को केवल चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि दोनों दल इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में आगे बढ़ा सकते हैं।

अंत में राखी गौतम ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से अपने बयान के लिए देश की महिलाओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के आरोप लगाना जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर किसी प्रकार की भ्रामक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

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