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कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरी का विवादित बयान: “भजनलाल का बाप भी नए जिलों को नहीं बदल सकता”

कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरी का विवादित बयान: “भजनलाल का बाप भी नए जिलों को नहीं बदल सकता”

मनीषा शर्मा।  पिछली कांग्रेस सरकार में बने 17 नए जिलों और तीन संभाग के गठन को लेकर भाजपा सरकार ने रिव्यू के आदेश दिए हैं। इस पर कांग्रेस के सीनियर नेता हेमाराम चौधरी ने सीएम भजनलाल शर्मा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। जब चौधरी से रिव्यू को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “भजनलाल का बाप भी अब इन जिलों को कैंसिल नहीं कर सकता।” उन्होंने आगे कहा, “ये सपना देख रहे हैं। सभी नए जिले निरस्त नहीं हो सकते। नए जिले बन गए और उनका काम शुरू हो गया। अब किसी का भी बाप इनको बदल नहीं सकता है।”

कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरी ने यह बयान दो दिन पहले अपनी जैसलमेर यात्रा के दौरान दिया था। वे नव निर्वाचित बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के सम्मान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जैसलमेर आए थे। इस दौरान उन्होंने जिलों और संभागों के भाजपा द्वारा रिव्यू करने के सवाल पर यह बयान दिया।

भजनलाल सरकार ने प्रदेश में पिछले साल बनाए गए 17 नए जिलों और 3 संभागों के गठन की प्रक्रिया को पूर्ण करने और इस फैसले का रिव्यू करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया है। यह समिति नए जिलों के गठन पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी।

नए जिलों की गठन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए उप-समिति का संयोजक उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को बनाया गया है। मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, मंत्री हेमन्त मीणा और मंत्री सुरेश सिंह रावत को सदस्य बनाया गया है। समिति का प्रशासनिक विभाग राजस्व विभाग होगा और इसके सदस्य सचिव अतिरिक्त मुख्य सचिवशासन सचिव राजस्व विभाग होंगे।

इस रिव्यू आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने समय हुए इस निर्णय को प्रदेश के हित में बताया और कहा, “राजस्थान में नए जिलों की सख्त आवश्यकता थी। प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और सर्विस डिलीवरी को बेहतर करने के लिए नए जिले बनाए गए।” हेमाराम चौधरी के बयान पर अभी तक किसी भी भाजपा नेता की प्रतिक्रिया नहीं आई है। बाड़मेर जिले की गुड़ामालानी सीट पर हेमाराम चौधरी का वर्चस्व रहा है। वे पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में वनमंत्री रहे हैं। 2023 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

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