ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बांग्लादेश के पशु बाजारों और फार्मों में रौनक बढ़ती जा रही है। हर साल इस मौके पर बड़े और खास जानवर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं, लेकिन इस बार बांग्लादेश में दो भैंसों ने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय बाजारों तक अलग ही पहचान बना ली है। इन भैंसों की चर्चा सिर्फ उनके भारी वजन या आकर्षक शरीर की वजह से नहीं हो रही, बल्कि उनके अनोखे नाम और व्यवहार ने उन्हें इंटरनेट सेंसेशन बना दिया है। इन दोनों भैंसों के नाम दुनिया के चर्चित नेताओं के नाम पर रखे गए हैं। एक का नाम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर रखा गया है, जबकि दूसरी भैंस को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम दिया गया है।
ढाका के पास स्थित एक फार्म में मौजूद ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम की भैंस इन दिनों लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार इस भैंस का वजन लगभग 700 किलोग्राम बताया जा रहा है। इसका शरीर हल्के रंग का है और इसके सिर पर मौजूद सुनहरे बाल लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेते हैं। फार्म पर आने वाले लोग जब इस भैंस को देखते हैं तो उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चर्चित हेयरस्टाइल याद आ जाता है। यही कारण है कि इसका नाम ‘डोनाल्ड ट्रंप’ रख दिया गया।
भैंस के मालिक जियाउद्दीन मृधा ने बताया कि शुरुआत में यह नाम मजाक-मजाक में रखा गया था। उनके छोटे भाई ने इसके बालों और चेहरे की बनावट को देखकर कहा कि यह बिल्कुल ट्रंप की तरह दिखाई देती है। धीरे-धीरे यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि अब लोग इसे इसी नाम से पहचानने लगे हैं। खास बात यह है कि इस भैंस का स्वभाव बेहद शांत बताया जा रहा है। फार्म पर आने वाले कई लोग मजाक में कहते हैं कि इसका चेहरा भले ही ट्रंप जैसा लगता हो, लेकिन इसका व्यवहार वास्तविक ट्रंप की सार्वजनिक छवि से बिल्कुल अलग और काफी सौम्य है।
बकरीद के मौके पर लोग इस खास भैंस को देखने दूर-दूर से फार्म पहुंच रहे हैं। कई लोग इसके साथ तस्वीरें और सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईद से पहले ही इस ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम की भैंस को अच्छे दामों में बेच दिया गया है। हालांकि इसकी कीमत सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे लेकर काफी उत्साह देखा गया।
दूसरी ओर बांग्लादेश के नारायणगंज इलाके में मौजूद ‘बेंजामिन नेतन्याहू’ नाम की भैंस भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यह भैंस अपने व्यवहार की वजह से ज्यादा मशहूर हो रही है। लगभग 750 किलोग्राम वजनी इस भैंस का स्वभाव बेहद आक्रामक और अप्रत्याशित बताया जा रहा है। फार्म के मैनेजर के अनुसार यह भैंस अक्सर जोर-जोर से फुंफकारती है और कई बार अपने केयरटेकर्स की तरफ हमला करने के लिए दौड़ पड़ती है।
फार्म प्रबंधन का कहना है कि इस भैंस का व्यवहार इतना अलग और गुस्सैल है कि उसे संभालना आसान नहीं होता। इसके अंदर एक अजीब सी चालाकी और बेचैनी दिखाई देती है। यही वजह रही कि फार्म कर्मचारियों ने मजाकिया अंदाज में इसका नाम ‘बेंजामिन नेतन्याहू’ रख दिया। इसके बाद यह नाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे देखने के लिए फार्म पहुंचने लगे।
इन दोनों भैंसों की लोकप्रियता अब स्थानीय बाजारों से निकलकर इंटरनेट तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया पर लोग इनके वीडियो और तस्वीरों पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इनके व्यवहार की तुलना संबंधित नेताओं की सार्वजनिक छवि से कर रहे हैं, तो कुछ इसे केवल मनोरंजन और संयोग बता रहे हैं। कई यूजर्स ने मजाक में लिखा कि शायद जानवरों में भी नेताओं जैसी पर्सनैलिटी आ सकती है, जबकि कुछ लोगों ने इसे फार्म मालिकों की शानदार मार्केटिंग रणनीति बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बकरीद के दौरान पशुओं को अनोखे नाम देना और उन्हें आकर्षक तरीके से पेश करना दक्षिण एशियाई देशों में एक आम चलन बनता जा रहा है। बड़े और दुर्लभ जानवरों को खास पहचान देने से उनकी लोकप्रियता और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं। सोशल मीडिया के दौर में ऐसी चीजें तेजी से वायरल होती हैं और लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। यही वजह है कि ‘ट्रंप’ और ‘नेतन्याहू’ नाम की ये भैंसें अब सिर्फ एक फार्म तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि इंटरनेट संस्कृति का हिस्सा बन चुकी हैं।
बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा के दौरान पशु बाजारों की रौनक हर साल देखने लायक होती है। इस दौरान लोग अच्छे और अनोखे जानवर खरीदने के लिए बड़ी संख्या में बाजारों और फार्मों का रुख करते हैं। लेकिन इस बार इन दो भैंसों ने अपनी अलग पहचान बनाकर पूरे माहौल को और भी दिलचस्प बना दिया है। फिलहाल सोशल मीडिया पर इनकी चर्चा लगातार जारी है और लोग यह देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं कि आखिर इन जानवरों का स्वभाव वास्तव में उनके नामों से कितना मेल खाता है।


