राजस्थान के अजमेर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पोस्ट ऑफिस और पासपोर्ट कार्यालय में बम रखे जाने की धमकी भरा ईमेल सामने आया। इस ईमेल में दावा किया गया था कि इन सरकारी संस्थानों में साइनाइड गैस से भरे 16 बम लगाए गए हैं, जो निर्धारित समय पर विस्फोट कर सकते हैं। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया।
यह धमकी भरा ईमेल Jaipur स्थित पासपोर्ट कार्यालय के आधिकारिक ईमेल आईडी पर तड़के करीब 3:44 बजे प्राप्त हुआ। ईमेल में दोपहर 12:15 बजे धमाके की बात कही गई थी, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई। सूचना मिलते ही अजमेर में पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पोस्ट ऑफिस और पासपोर्ट ऑफिस की इमारतों को खाली करवाया। वहां मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर पूरे परिसर को सील कर दिया गया।
घटना की जानकारी देते हुए कोतवाली थाना प्रभारी Anil Dev Kalla ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अलग-अलग टीमों को मौके पर भेजा गया। इन टीमों ने डॉग स्क्वॉड और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से पूरे भवन की गहन तलाशी ली। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान हर कोने की जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
इस विस्तृत जांच के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और इसे एक फर्जी धमकी मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई और पूरे क्षेत्र में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई। पुलिस अब इस ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, ताकि इस तरह की अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
ईमेल में लिखी गई सामग्री ने जांच एजेंसियों का ध्यान और भी ज्यादा आकर्षित किया। इसमें कुछ राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय संदर्भों का उल्लेख किया गया था, जिनमें Udhayanidhi Stalin और Nivetha Pethuraj के नाम शामिल थे। साथ ही इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence और उग्रवादी संगठनों CPI (Maoist) तथा Liberation Tigers of Tamil Eelam का भी जिक्र किया गया था। हालांकि पुलिस का मानना है कि यह सब ध्यान भटकाने के उद्देश्य से जोड़ा गया हो सकता है।
ईमेल में यह भी लिखा गया था कि केरल की अदालतों में विस्फोट कराकर लोगों का ध्यान अन्य मुद्दों से हटाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, इसमें अजीबोगरीब निर्देश भी दिए गए थे, जैसे कि लाल साड़ी या लाल शर्ट पहने लोगों को परिसर में प्रवेश न करने देना। इस तरह की बातों ने यह संकेत दिया कि ईमेल का मकसद केवल डर फैलाना और अफरा-तफरी मचाना हो सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि फर्जी धमकियां भी किस तरह बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि इस बार कोई वास्तविक खतरा नहीं मिला, लेकिन प्रशासन ने जिस तेजी और सतर्कता के साथ कार्रवाई की, वह सराहनीय रही। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और समन्वय बेहद जरूरी होता है।
वर्तमान में पुलिस साइबर टीम की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित साजिश तो नहीं है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


